Varanasi: SIR विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, प्रदीप अग्रहरि बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोप

Gyanesh Kumar SIR Controversy: भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्हों सुप्रीम कोर्ट के SIR संबंधी फैसले का हवाला देते हुए विपक्ष के दावों पर सवाल उठाए।
BJP SIR Row: Pradeep Agrahari Defends Election Commission Targets Congress Allegations
भारतीय जनता पार्टी की प्रेस वार्ता (सोर्स- फोटो नवभारत)
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BJP Press Conference Election Commission SIR Row: वाराणसी महानगर कार्यालय, गुलाब बाग में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार से बौखलाया विपक्ष अपनी राजनीतिक नाकामियों को छिपाने के लिए देश की संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रदीप अग्रहरि ने चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी सर्वसम्मति वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि इससे कांग्रेस और विपक्षी 'इंडी गठबंधन' द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम व मनगढ़ंत कहानियों का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है।

एक अधिकारी के प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित आंतरिक मामला

उन्होंने कहा मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों (डॉ. एस.एस. संधू एवं विवेक जोशी) की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस नोट से साफ हो गया है , कि देश भर में संचालित 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) सहित सभी फैसले पूरे आयोग की पूर्ण सहमति से लिए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया था।

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आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि यह केवल डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी के प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित आंतरिक मामला था।

अखबार की निराधार स्टोरी

एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट पूरी तरह से तथ्यहीन और काल्पनिक कहानी पर आधारित थी, जिसे विपक्ष ने लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की नाकाम कोशिश की।

फॉर्म-6 पर भ्रम फैलाने की साजिश नाकाम: सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर के लिए फॉर्म-6 से संबंधित घोषणापत्र को पहले ही वैध और सही ठहराया जा चुका है। इसके बावजूद विपक्ष जनता के बीच लगातार भ्रम फैला रहा था।

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संवैधानिक संस्थाओं को लगातार निशाना बनाने का इतिहास

महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व का इतिहास संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाने का रहा है। उन्होंने 2024 में ईवीएम को 'ब्लैक बॉक्स' बताने, 2019 में राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर माफी मांगने, विदेशी मंचों पर भारतीय न्यायपालिका पर सवाल उठाने, सीएजी (CAG) की रिपोर्ट को खारिज करने और सर्जिकल स्ट्राइक व सेना के शौर्य पर सवाल उठाने जैसे उदाहरण दिए।

प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है, वह अपनी खीझ निकालने के लिए चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचता है। अब जब सच्चाई देश के सामने आ चुकी है, तो कांग्रेस नेतृत्व को अपनी इस भ्रम फैलाऊ राजनीति के लिए देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल एवं महानगर मीडिया प्रभारी प्रमील पाण्डेय उपस्थित रहे।

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