BHU कैंपस में MBBS की छात्रा से छेड़खानी का प्रयास, तीन बाइक सवार गिरफ्तार, आरोपी बोले- नशे में थे

MBBS student harassment in BHU Campus: वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में एक MBBS छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले में तीन पूर्व छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
BHU कैंपस में MBBS की छात्रा से छेड़खानी का प्रयास, तीन बाइक सवार गिरफ्तार, आरोपी बोले- नशे में थे
BHU कैंपस में MBBS की छात्रा से छेड़खानी का प्रयास, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
Updated on

Varanasi News in Hindi: बीएचयू कैंपस में फिर से छेड़खानी का मामला सामने आया है। लंका थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, साइबर लाइब्रेरी से हॉस्टल जाते समय एमबीबीएस की पहली वर्ष की एक छात्रा के साथ नशे में धुत तीन बाइक सवारों ने छेड़छाड़ करने की कोशिश की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

छात्रा अपने तीन दोस्तों के साथ साइबर लाइब्रेरी से वापस हॉस्टल जा रही थी, तभी यह घटना घटी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि अन्य दोस्तों के साथ भी मारपीट की गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस मामले में कुछ बाहरी लड़के भी शामिल थे।

कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) काशी क्षेत्र, गौरव बंसवाल ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग साढ़े तीन बजे हुई, जब छात्रा अपने दोस्तों के साथ लाइब्रेरी से छात्रावास लौट रही थी। बंसवाल ने बताया कि तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने लगे और उसे मारपीट भी करने का प्रयास किया। इस मामले में छात्रा की एक साथी ने लिखित शिकायत दी है, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता

डीसीपी बंसवाल ने बताया कि तीनों आरोपी बीएचयू के पूर्व छात्र हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच चल रही है। इस घटना ने विश्वविद्यालय के परिसर में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इस तरह की घटनाएं न सिर्फ छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

छात्राओं में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ी

छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस घटना के बाद छात्राओं में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। इसलिए, प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और सुरक्षा के उपायों को और कड़ा करना चाहिए। पहले हुई घटनाएं भी साफ दिखाती हैं कि परिसर पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com