

UP Primary Teacher Vacancy Protest Prayagraj: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन इसके मुकाबले शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापित पदों की संख्या काफी कम रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 से अब तक प्रदेश में 38,05,377 अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर चुके हैं।
जबकि इसी अवधि में शिक्षक भर्ती के लिए सिर्फ 3,21,917 पदों पर आवेदन मांगे गए। यानी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या की तुलना में महज 8.46 प्रतिशत पद ही विज्ञापित किए गए।
शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रयागराज में भी लंबे समय से धरना और ज्ञापन का सिलसिला चल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि टीईटी जैसी पात्रता परीक्षा पास करने के बाद भी उन्हें नियमित शिक्षक भर्ती का अवसर नहीं मिल रहा है। कभी शिक्षा सेवा चयन आयोग तो कभी परीक्षा नियामक प्राधिकारी और सिविल लाइंस स्थित अन्य कार्यालयों के बाहर अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं।
अभ्यर्थियों का दावा है कि प्राथमिक विद्यालयों में करीब 60 हजार पद रिक्त हैं। उनका कहना है कि इन पदों पर भर्ती शुरू होने से लंबे समय से टीईटी पास कर नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को अवसर मिल सकता है। वहीं सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार नगर क्षेत्र के लिए 11,500 शिक्षकों की भर्ती का अधियाचन भेजा गया है और शेष पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है।
2011 में पहली बार शुरू हुई परीक्षा पहले चरण में 2,70,806 अभ्यर्थी सफल अब तक 38,05,377 अभ्यर्थियों के पास टीईटी प्रमाणपत्र।
भर्ती बनाम पात्रता-
टीईटी पास: 38,05,377
विज्ञापित पद: 3,21,917
पदों का अनुपात: सिर्फ 8.46 प्रतिशत।
वर्ष 2011 में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा शुरू हुई थी। उस समय 2,70,806 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद 2013 में 1,02,755, 2014 में 1,84,700 और 2015 में 1,46,415 अभ्यर्थियों ने टीईटी पास की। वर्ष 2016 में 75,364, 2017 में 94,311, 2018 में 5,74,783, 2019 में 3,54,703 और 2021 में 6,60,592 अभ्यर्थी सफल हुए।
इसके विपरीत शिक्षक भर्ती के लिए वर्ष 2011 में प्राथमिक स्तर पर 72,825 पदों का विज्ञापन जारी हुआ था। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय की भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2013 में आया, जिसमें 29,334 पद थे। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही।
टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी रिक्त शिक्षक पदों पर जल्द भर्ती विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पात्रता हासिल करने के बाद नौकरी का अवसर मिलना चाहिए।