कानपुर में सतीश महाना दूध दुहने बैठे तो भैंस बिदक गई (फोटो- सोशल मीडिया)
Satish Mahana milking buffalo viral: अक्सर कड़क मिजाज और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले राजनेता जब आम आदमी की तरह पेश आते हैं, तो वह पल यादगार बन जाता है। ऐसा ही कुछ दिलचस्प नजारा कानपुर में देखने को मिला, जब यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अपनी सुबह की सैर पर निकले थे। नरवल क्षेत्र के गांवों में घूमते हुए अचानक उनकी नजर एक भैंस पर पड़ी और उन्होंने दूध निकालने की इच्छा जता दी। इसके बाद जो वाकया हुआ, उसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया और पूरा माहौल हंसी-ठिठोली में बदल गया।
वहां मौजूद किसान राम सिंह यादव अपनी भैंस का दूध निकाल रहे थे, तभी महाना वहां रुक गए और मजाकिया अंदाज में बोले कि लाओ आज मैं दूध दुहने की कोशिश करता हूं। जैसे ही वो बाल्टी लेकर बैठे, शायद भैंस उन्हें पहचान नहीं पाई और बिदक गई। यह देख आसपास खड़े लोग हंसने लगे। तब महाना ने सबको शांत रहने को कहा। उन्होंने बड़े प्यार से भैंस को पुचकारा और फिर बहुत ही आराम से दूध दुहा। इतना ही नहीं, उन्होंने उसी ताजे दूध को गिलास में लेकर पीया भी, जिसे देख ग्रामीणों ने तालियां बजा दीं।
सिर्फ हंसी-मजाक ही नहीं, विधानसभा अध्यक्ष का यह दौरा विकास कार्यों को रफ्तार देने वाला भी रहा। सलेमपुर गांव में जब वे पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें पुराने खड़ंजे दिखाए और सीसी रोड बनवाने की मांग रखी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए सतीश महाना ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन मिलाया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि चारों खड़ंजों को जल्द से जल्द सीसी रोड में बदला जाए। इसके अलावा, मंगत खेड़ा पहुंचकर उन्होंने विधायक निधि से बन रही 650 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने काम की गुणवत्ता को बारीकी से परखा और दो टूक कहा कि काम समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
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अपने दौरे के दौरान महाना नारायणपुर गांव भी गए, जहां उन्होंने सरकार की अहम ‘हर घर जल’ योजना का फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सभी घरों में नियमित रूप से पानी आ रहा है, जिससे वे संतुष्ट नजर आए। आगे बढ़ते हुए उनकी नजर उन महिलाओं पर पड़ी जो सूप बनाने के लिए सींकें निकाल रही थीं। सतीश महाना ने रुककर उनसे बातचीत की और उनकी मेहनत व हुनर की जमकर तारीफ की। जब ग्रामीणों ने रात में अंधेरे की शिकायत की, तो उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए एक हफ्ते के भीतर गांव में 30 स्ट्रीट लाइट और 3 हाई-मास्ट लाइटें लगाने के निर्देश दे दिए।