UP में अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर? सरकार ने दिया 3 महीने का अल्टीमेटम, जानें क्या है नया नियम?

UP LPG Connection News: जिस क्षेत्र में अब तक पीएनजी की पाइपलाइन बिछ चुकी हैं और वहां PNG गैस की आपूर्ति यदि संभव है, वहां तीन महीने बाद एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करने की सूचना दी गई है।
Will LPG Cylinders No Longer Be Available in UP? Government Issues 3-Month Ultimatum—Find Out What the New Rule Is
प्रतीकात्मक इमेज ( सोर्स-एआई जेनरेटेड)
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Uttar Pradesh Government New LPG Guidelines: पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध के दौरान पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया था। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष को देखते हुए भारत सरकार ने देश में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों पर अस्थाई रोक लगा दिया था। साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी प्रक्रिया में बदलाव किया गया था, जिससे कि देश में घरेलू गैस के संकट से बचा जा सके। इसी बीच उत्तर प्रदेश में घरेलू रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव की खबर सामने आई है।

सरकार द्वारा प्रदेश में प्राकृतिक गैस (PNG) के उपयोग को लेकर बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में हर दिन औसतन लगभग हजार नए पीएनजी कनेक्शन कराए जा रहे हैं।

तीन महीने का दिया अल्टीमेटम

सरकार के इस आदेश के बाद से जिस क्षेत्र में अब तक पीएनजी की पाइपलाइन बिछ चुकी हैं और वहां PNG गैस की आपूर्ति यदि संभव है, तो वहां CGD कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को स्पीड पोस्ट या अन्य माध्यमों से सूचनाएं भेज रही हैं। इसके अलावा सभी तेल कंपनियों और एलपीजी वितरकों को भी संबंधित उपभोक्ताओं को नोटिस मिलने के तीन महीने बाद एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करने की सूचना दी गई है।

PNG कनेक्शन को प्राथमिकता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश में प्रकृतिक गैस के संबंध में मार्च 2026 को राजपत्र जारी किया गया। इसके अनुसार देश में पाइपलाइन गैस नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादे घरों में PNG गैस कनेक्शन हो सके। इसी आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में इस आदेश के प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया है।

एक साथ नहीं LPG-PNG कनेक्शन

प्रदेश में कई आवासीय क्षेत्रों में प्रकृतिक गैस की पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। वहां PNG की आपूर्ति भी लगातार जारी है। अब सरकार का अगला लक्ष्य है कि इस सुविधा को ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके। इससे गैस सिलेंडरों की समस्या से निजात मिलेगी। मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार अब उपभोक्ता एलपीजी और पीएनजी दोनों का कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकेगा। ऐसे में अब जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं उन्हें अपना LPG गैस कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

इसके साथ ही PNG कनेक्शन वाला कोई भी उपभोक्ता भविष्य में LPG सिलेंडर को रिफिल भी नहीं करा सकेंगे। पीएनजी कंपनियां कॉलोनियों को साथ-साथ अपार्टमेंट्स में जा-जाकर लोगों से मिलकर पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। सरकार का कहना है कि पीएनजी का उपयोग करना न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह अपेक्षाकृत सुविधाजनक भी है।

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