

UP Ramashish Rai Resign To RLD: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) को बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है। पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। रामाशीष राय के इस्तीफे को विधानसभा चुनाव से पहले RLD के लिए अहम राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, उनके इस्तीफे की वजह को लेकर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में BJP के कोर वोट बैंक को लेकर अपनी रणनीति के संकेत दिए। वहीं, चुनावी माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने 16 से 35 वर्ष के युवाओं की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नई युवा नीति बनाने का फैसला किया है।
राष्ट्रीय लोकदल के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपा है। उनके इस्तीफे के बाद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले RLD के संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रामाशीष राय के इस्तीफे के पीछे क्या वजह है, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी की ओर से भी इस्तीफे के कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की आगे की रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
इधर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में PDA को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोग PDA की अलग-अलग परिभाषाएं बताते हैं और दावा किया कि PDA में ‘पीडी’ का मतलब पंडित से है। अखिलेश के इस बयान को BJP के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की सपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ब्राह्मण और अन्य गैर-यादव वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव का ताजा बयान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सपा लगातार PDA के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक के साथ-साथ दूसरे सामाजिक समूहों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
चुनावी माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी युवाओं पर फोकस बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार 16 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं की जरूरतों, आकांक्षाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक स्वतंत्र ‘युवा नीति’ तैयार करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए हैं।
नई युवा नीति तैयार करने के साथ ही उत्तर प्रदेश में राज्य युवा आयोग के गठन की भी तैयारी है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की राय और उनकी जरूरतों को नीति निर्माण में शामिल करना है। आयोग के जरिए युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जाने और उनके समग्र विकास के लिए योजनाएं तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
RLD प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा, सपा का BJP के कोर वोट बैंक पर फोकस और योगी सरकार की नई युवा नीति की तैयारी—तीनों घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के संगठनात्मक फेरबदल, सामाजिक समीकरण और युवाओं को लेकर नीतियां चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती हैं।