समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (सोर्स-सोशल मीडिया)
Financial Aid For UP Women: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक भव्य महिला सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश की जनता के लिए बड़े वादों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए जाएंगे। अखिलेश ने इस अवसर पर वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की और उन पर विपक्ष को बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा करने का आरोप लगाया। इस घोषणा के साथ ही समाजवादी पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपने एजेंडे को स्पष्ट कर दिया है जिससे राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान समारोह के दौरान महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने का ऐतिहासिक वादा किया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार आने पर पुरानी समाजवादी पेंशन योजना को फिर से शुरू किया जाएगा जिसे वर्तमान सरकार ने बीच में ही बंद कर दिया था। महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन के लिए पार्टी एक विशेष ‘नारी समृद्धि सम्मान योजना’ लागू करेगी जिसके माध्यम से सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया जाएगा।
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर मचे घमासान के बीच अखिलेश ने बिना नाम लिए भाजपा पर पैसे देकर फिल्में बनवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों का असली मकसद दूसरे राजनीतिक दलों को बदनाम करना और जनता के बीच गलत धारणा पैदा करना है जिसे लोग अब समझ चुके हैं। फिल्म में दिखाए गए अतीफ अहमद नाम के किरदार को विपक्षी नेता अतीक अहमद से प्रेरित एक प्रोपेगेंडा बता रहे हैं जो समाज में नफरत फैलाने का काम करता है।
योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर कटाक्ष करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि यह केवल उन नेताओं को मनाने का प्रयास है जो वर्तमान में सरकार से रूठे हुए हैं। उनके अनुसार जब विभागों का बजट लगभग पूरा खर्च हो चुका है तब नए मंत्री बनाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता क्योंकि अब विकास के लिए फंड ही नहीं बचा है। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगला वास्तविक विस्तार और चहुंमुखी विकास केवल 2027 में सपा की सरकार आने के बाद ही संभव हो पाएगा।
लखनऊ में बन रहे सात हजार करोड़ रुपये के ग्रीन कॉरिडोर को अखिलेश ने ‘बर्बाद कॉरिडोर’ करार देते हुए इसके डिजाइन और मानक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस कॉरिडोर के निर्माण में पैदल चलने वालों के लिए कोई स्थान नहीं रखा गया है जो किसी भी आधुनिक सड़क डिजाइन के मानकों के खिलाफ है। सपा प्रमुख ने कहा कि सात हजार करोड़ रुपये जैसी भारी-भरकम राशि में इससे कहीं बेहतर और उपयोगी कॉरिडोर बनाया जा सकता था लेकिन भ्रष्टाचार ने इसे बिगाड़ दिया।
गैस सिलेंडर की समस्या पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में सिलेंडर मिलना आम आदमी के मुकद्दर की बात हो गई है वरना केवल लंबी लाइनें ही मिलती हैं। झांसी की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के एक नेता ने सिलेंडर का पूरा ट्रक चोरी कर लिया और बाद में आधे खाली सिलेंडर वापस किए। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि चैनल सच बोलना शुरू कर दें तो देश और प्रदेश में तुरंत एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है।
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प्रदेश की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि गोरखपुर, बदायूं, वाराणसी और मथुरा जैसी जगहों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में पुलिस से केवल राजनीतिक काम लिए जा रहे हैं और ‘हथेली गरम तो पुलिस नरम’ के सिद्धांत पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाएं और बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही हैं जो चिंताजनक है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए अभी से अधिकारियों की सेटिंग और तैनाती शुरू हो गई है ताकि चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर सूचियां बना रही है और अप्रैल में कई अधिकारियों की संदिग्ध पोस्टिंग प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जाने वाली है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की एकजुट ताकत से भाजपा डरी हुई है और इसीलिए वे बूथ लूटने की साजिशें रच रहे हैं।