शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, फोटो- सोशल मीडिया
Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest Statement: रिश्तों की मर्यादा और मां के सम्मान पर जब भी चोट होती है, समाज का आक्रोशित होना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता जी पर बिहार के एक मौलाना द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने पूरे प्रदेश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। हाल ही में हरदोई पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ बताया है।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की मां केवल उनकी नहीं, बल्कि समूचे समाज की मां हैं और उनके प्रति कहे गए अपशब्द किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह मुद्दा अब केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि आस्था और सामाजिक मूल्यों के अपमान का प्रश्न बन गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों अपनी ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ पर हैं, जो काशी से शुरू होकर विभिन्न जिलों से होते हुए लखनऊ की ओर बढ़ रही है। सोमवार को हरदोई पहुंचने पर उन्होंने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के विवादित बयान को बेहद गंभीर करार दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ की मां, हम सबकी मां हैं और यहां बैठे हर व्यक्ति की मां हमारी अपनी मां के समान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर मौलाना की टिप्पणी के संबंध में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी का बयान pic.twitter.com/3d2oEdZ1Od — सतेन्द्र पाण्डेय(पत्रकार) (@PandeySaten) March 10, 2026
उनके अनुसार, मातृशक्ति का अपमान आपसी भाईचारे और सामाजिक ताने-बाने को गहरी चोट पहुंचाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन एक मां का स्थान इन सब दीवारों से कहीं ऊंचा होता है और जो लोग इस मर्यादा को लांघते हैं, वे असल में अपने धर्म को ही छोटा दिखाते हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी बात को और प्रभावी ढंग से रखने के लिए प्राचीन शास्त्रों का सहारा लिया। उन्होंने “पितुः शतगुणी माता गौरवेणातिरिच्यते” श्लोक का उदाहरण देते हुए समझाया कि एक जन्मदाता पिता की तुलना में माता का गौरव सौ गुना अधिक होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू संस्कारों में हर किसी की मां का सम्मान करना सर्वोपरि माना गया है।
उन्होंने कहा कि “खबरदार,” भविष्य में ऐसी बयानबाजी फिर कभी न हो, क्योंकि यह न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि उस पूरी परंपरा का अपमान है जो मां को ईश्वर का रूप मानती है। उनके अनुसार, किसी भी पंडित या मौलाना द्वारा मां के बारे में गलत बोलना उनके खुद के ज्ञान और संस्कारों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
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इस संवेदनशील विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुस्लिम समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को नसीहत दी कि वे अपने मौलानाओं को मर्यादा के भीतर रहने और सभ्य भाषा का प्रयोग करने की समझाइश दें। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस्लाम में भी मां का दर्जा सबसे ऊंचा बताया गया है, तो फिर ऐसी अशोभनीय हरकतें क्यों की जा रही हैं? अविमुक्तेश्वरानंद ने मांग की कि ऐसे अमर्यादित बयान देने वालों के विरुद्ध प्रशासन को सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
यह मामला अब केवल बयानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े कानूनी संकट का रूप ले चुका है। जिस मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसके विरुद्ध प्रदेश भर में भारी आक्रोश है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग 83 थानों में आरोपी मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी पर 21 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।