दिल्ली प्रोफेसर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 1400 किमी दूर से आए कपल ने किया कत्ल, वजह जान रह जाएंगे दंग

Delhi University Assistant Professor Murder Case: पुलिस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में कोलकाता के एक कपल को गिरफ्तार कर लिया है।
Delhi Police Arrested West Bengal Couple for Delhi University Professor Murder case
प्रोफेसर देवस्मिता पॉल (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Delhi University Assistant Professor Murder Case: दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या मामलें में पश्चिम बंगाल के एक कपल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्याकांड के तीन दिन बाद पश्चिम बंगाल के कोलकाता की दंपत्ती को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह प्रॉपर्टी विवाद था। आरोपी दंपत्ती ने बंगाल से 1400 किलोमीटर दूर दिल्ली आकर वारदात को अंजाम दिया था।

4 जून को हुई थी प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल का शव 4 जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में पाया गया था। जांच के बाद पता चला कि उनकी हत्या एक दिन पहले यानी 3 जून को हुई थी।

सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान

दरअसल इस हत्या का खुलासा सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद हुआ। दिल्ली पुलिस ने फुटेज में पहले एक आदमी और एक औरत को मास्क लगाकर अपार्टमेंट में जाते देखा। उनके पास बैग था। वे 3 जून को प्रोफेसर के घर में घुसते हुए दिखे और लगभग आधे घंटे तक अंदर ही रहे। इसी दौरान आरोपियो ने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया और फिर वहां से फरार हो गए। छानबीन में पता चला कि यह कपल 3 जून को दोपहर 3:20 बजे एक प्राइवेट कैब से रिहायशी कॉम्प्लेक्स पहुंचा। जब वे वारदात को अंजाम दे रहे थे तब कैब ड्राइवर बाहर ही रुका था।

सीसीटीवी फुटेज में दोनों लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से फ्लैट के अंदर जाते हुए दिखे। और वहां से निकलने से पहले कपल फ्लैट के अंदर लगभग आधा घंटा तक रहे और बिल्डिंग से बाहर निकलते समय दोनों ने कपड़े बदल लिए थे। घटनास्थल से प्लैट में जबरदस्ती घुसने का कोई निशान नहीं मिला। जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल फ्लैट में आए दंपित को पहले से जानती थी।

प्रोफेसर पॉल की बहन ने पुलिस को दी थी सूचना

दरअसल वैवाहिक झगड़ों के बाद 2022 में पॉल अपने पति से अलग होकर अपनी बहन के अपार्टमेंट में अकेली रहती थी। डॉ. देबोस्मिता पॉल पश्चिम बंगाल में अपने नाना के जमीन की वारिस थीं। उनके बड़े भाई और बहन उस जमीन को बेचना चाहते थे, लेकिन प्रोफसर देबोस्मिता उस जमीन को बेचने के लिए तैयार नहीं थीं। उसी जमीन पर रह रहे किरायेदार दंपति उस जमीन को खरीदना चाहते थे। लेकिन जब प्रोफेसर ने मना कर दिया तो किरायेदार दंपति अपने बच्चे के साथ बंगाल से दिल्ली पहुंचे। वे प्रोफेसर के घर गए, जहां विवाद बढ़ने के बाद आरोपीयों ने सिर पर भारी समान से हमला कर दिया और पॉल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हत्या के समय उनका बच्चा घर के बाहर था। प्रोफसर देबोस्मिता की बहन देवरती के बार बार फोन करने पर जब कोई जवाब नही मिला तो वह उनसे मिलने अपार्टमेंट पहुंची। जहां उन्हे फ्लैट बाहर से बंद मिला। किसी तरह जब वह फ्लैट के अंदर गई तो उन्हें वहां पर देबोस्मिता का शव खून से लथपथ हालत में मिला। जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

डिप्टी कमिश्नर राजीव कुमार का बयान

डिप्टी कमिश्नर राजीव कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कोलकाता में स्थित एक पुश्तैनी मकान ही पॉल की हत्याकांड का कारण बना। गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी कोलकाता में प्रोफेसर के इसी पुश्तैनी घर में किराएदार के रूप में रह रहे थे, जबकि प्रोफेसर का पूरा परिवार दिल्ली में आकर बस चुका था। आरोपी कपल इस पुश्तैनी घर को पिछले काफी समय से खरीदना चाहते थे। प्रोफेसर के माता-पिता और उनके दो भाई-बहन तो संपत्ति बेचने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन डॉ. देबोस्मिता किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन को बेचना नहीं चाहती थीं। जिस कारण उनकी हत्या कर दी गई।

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