शाहजहांपुर में रात के अंधेरे में तोड़ी बाबा साहेब की प्रतिमा, आक्रोशित ग्रामीणों पर पुलिस ने भांजी लाठियां
Ambedkar Statue Dispute: शाहजहांपुर में अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर बवाल। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन प्रतिमा स्थापना की अनुमति को लेकर विवाद शुरू हो गया।
- Written By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्म इमेज (सोर्स-एआई जनरेटेड)
Ghaziabad Ambedkar Statue Damaged: उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को लेकर दो अलग-अलग जिलों शाहजहांपुर और गाजियाबाद में विवाद सामने आए हैं। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस-प्रशासन को हालात संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ ऐसा सामने निकल कर आ रहा है कि शाहजहांपुर के राजपुर नगला गांव में बाबा सहाब की जो प्रतिमा स्थापित की गई थी उसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
शाहजहांपुर में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने पर बवाल
शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत नगला तालुका खंडहर के गांव राजपुर नगला में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर ग्रामीणों ने ग्राम समाज की जमीन पर प्रतिमा स्थापित की थी। आरोप है कि इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। शनिवार रात करीब नौ बजे कुछ अराजक तत्वों ने प्रतिमा की उंगली और हाथ में पकड़ी पुस्तक को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया।
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गांव वालों ने लगाए आरोप
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन प्रतिमा स्थापना की अनुमति को लेकर विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दोषियों की तलाश करने के बजाय बिना अनुमति स्थापना पर कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और नोकझोंक के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ लोगों के घायल होने की बात सामने आई, हालांकि पुलिस ने गंभीर चोटों से इनकार किया है।
ग्रामीणों की क्या है मांग
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम प्रभात राय, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने देर रात प्रतिमा को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा पूरे गांव की सहमति से स्थापित की गई थी और उसे हटाना गलत है। उन्होंने प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने के मामले में ग्राम प्रधान समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे के अनुसार, यह कदम राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से उठाया गया था और संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
गाजियाबाद में प्रतिमा क्षतिग्रस्त
वहीं, गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की इंद्रापुरी कॉलोनी में भी डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिमा को अज्ञात तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नई प्रतिमा जल्द मंगाकर स्थापित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस जांच जारी
दोनों ही मामलों में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शाहजहांपुर में जहां प्रतिमा स्थापना को लेकर कार्रवाई की जा रही है, वहीं गाजियाबाद में तोड़फोड़ करने वालों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। गाजियाबाद मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल दोनों जिलों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
