

Rampur Twin Sisters Aadhaar Biometric Issue Update: योगी सरकार की संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था में जनसमस्याओं के समाधान के साथ मानवीय सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रामपुर में इसका एक उदाहरण उस समय सामने आया, जब बायोमीट्रिक समानता के कारण पिछले कई वर्षों से पहचान के संकट से जूझ रहीं जुड़वा बहनों को जिला प्रशासन की पहल पर अपनी अलग-अलग पहचान मिली।
मोहल्ला खारी कुआं निवासी जुबैर इलियास की जुड़वा बेटियों तुबा जुबैर व खिजरा जुबैर के फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों (रेटिना) की बायोमीट्रिक समानता के चलते आधार पंजीकरण में तकनीकी अड़चन आ रही थी। एक बच्ची का कार्ड बनने के बाद दूसरी बच्ची का डेटा डुप्लीकेट बताकर खारिज कर दिया जाता था।
समस्या का समाधान न होने से परिवार कई वर्षों से परेशान था। दूसरी बेटी का पहचान पत्र नहीं बनने से उसके स्कूल दाखिले, सरकारी योजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी भविष्य की जरूरतों को लेकर पिता चिंतित थे। ऐसे में अपनी समस्या लेकर जुबैर इलियास रामपुर जिला प्रशासन के जनता दर्शन पहुंचे, जहां डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने योगी सरकार की जनता के प्रति संवेदनशील नीति का परिचय देते हुए दिल्ली स्थित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) मुख्यालय में संपर्क किया।
तीन माह के प्रयास के बाद एक जैसे फिंगरप्रिंट व रेटिना की बायोमेट्रिक समानता के बावजूद दोनों जुड़वा बहनों को आखिरकार अपनी अलग पहचान मिल गई।
रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आमजन की समस्याओं के निस्तारण के लिए रोजाना सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट परिसर में जनता दर्शन का आयोजन किया जाता है। करीब तीन माह पहले जनता दर्शन में जब जुबैर इलियास ने अपनी बेटियों की इस समस्या के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लेते हुए एक्शन लिया।
उन्होंने यूआईडीएआई, नई दिल्ली के सचिव से दूरभाष पर सीधा संपर्क साधा और इस दुर्लभ बायोमीट्रिक समस्या से अवगत कराते हुए विशेष तकनीकी समाधान की पैरवी की। इसके बाद मुख्यालय ने अपवाद के तहत दोनों बच्चियों के दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया पूरी की।
वर्षों से पहचान के संकट से जूझ रहे परिवार के लिए यह बड़ी राहत रही। आधुनिक व्यवस्था में स्कूल दाखिले, सरकारी योजनाओं और विभिन्न नागरिक सुविधाओं तक पहुंच के लिए आधार एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में दूसरी बेटी की पहचान सुनिश्चित होने से उसके भविष्य को लेकर परिवार की चिंता भी दूर हुई।
सीएम योगी के विजन को साकार करते हुए जिला प्रशासन ने तकनीकी अड़चन को पात्र नागरिक के अधिकार और जरूरी दस्तावेज हासिल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया।
पहचान पत्र मिलने के बाद जुबैर दोनों बेटियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम का व्यक्तिगत आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जनता दर्शन में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।