प्रयागराज आने से पहले राहुल गांधी का बड़ा हमला- यह सरकार झुकती है, बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए
Rahul Gandhi In Prayagraj: 8 अगस्त को प्रयागराज के KP ग्राउंड में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। जानिए कानूनी अड़चनों और विवादों के बाद कैसे मिली इस आयोजन को मंजूरी।
- Written By: अनन्या तिवारी
राहुल गांधी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Rahul Gandhi Prayagraj Visit 8 August: संगम नगरी में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने वाला है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज आ रहे हैं। ‘छात्रों की गूंज’ नामक इस कार्यक्रम के जरिए वह देश के सबसे बड़े शिक्षा केंद्र में युवाओं और छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनेंगे और उनसे संवाद करेंगे। हालांकि, इस कार्यक्रम की राह इतनी आसान नहीं थी; भारी विवाद और कानूनी अड़चनों के बाद आखिरकार प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी है।
“सिस्टम बेईमान हो चुका है”- राहुल गांधी का ट्वीट
राहुल गांधी ने अपने प्रयागराज दौरे से पहले सोशल मीडिया पर युवाओं के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए वर्तमान व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि वह देश के उस शहर में आ रहे हैं जहां सबसे ज्यादा नौजवान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। अपने संदेश में उन्होंने साफ शब्दों में लिखा, “यहां का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं है, बल्कि कमी उस सिस्टम की नीयत में है जो आपकी मेहनत का सही दाम नहीं देती”।
उन्होंने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों और सालों के इंतजार का जिक्र करते हुए कहा कि कोटा, देहरादून और दिल्ली में छात्र सिर्फ सवाल पूछने के लिए लाठियां खा रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए लिखा कि यह सरकार झुकती है, बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए।
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प्रयागराज आ रहा हूं – देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं। एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं – कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती। पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का… pic.twitter.com/upgHb0GiM0 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 7, 2026
पहले क्यों नहीं मिली थी अनुमति?
इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे। कायस्थ पाठशाला (केपी ट्रस्ट) ने शुरुआत में 5 अगस्त को एक आदेश जारी कर कार्यक्रम की अनुमति को निरस्त कर दिया था। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण बताए गए थे:
1. इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश: ट्रस्ट ने 2025 के एक न्यायिक आदेश का हवाला दिया था, जिसके अनुसार स्कूल-कॉलेजों के मैदानों का उपयोग केवल खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही किया जाना चाहिए ताकि छात्रों की पढ़ाई में बाधा न आए।
2. जलभराव और सुरक्षा: लगातार हो रही बारिश के कारण मैदान में जलभराव हो गया था, जिससे सुरक्षा के लिहाज से इसे अनुपयुक्त माना गया।
3. प्रशासनिक मंजूरी की कमी: ट्रस्ट का तर्क था कि जिला मजिस्ट्रेट से अंतिम औपचारिक अनुमति नहीं ली गई है।
कांग्रेस ने इन रुकावटों को भाजपा सरकार का राजनीतिक दबाव बताया था, जिसे लेकर काफी खींचतान भी देखने को मिली।
ऐसे मिली अनुमती
आयोजन पर मंडराते संकट को टालने के लिए यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सक्रिय हुए। उन्होंने केपी ट्रस्ट को लिखित आश्वासन दिया कि यह आयोजन पूरी तरह से ‘नॉन कमर्शियल’ होगा और इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2025 के आदेश सहित सभी न्यायिक निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ट्रस्ट ने अपना पुराना आदेश वापस लेते हुए शर्तों के साथ कार्यक्रम की दोबारा अनुमति दे दी है।
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8 अगस्त को क्या होगा?
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 8 अगस्त की शाम 5 बजे राहुल गांधी केपी कॉलेज ग्राउंड (केपी ग्राउंड) पहुंचेंगे। आयोजन की तैयारियां अब युद्धस्तर पर चल रही हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रयागराज में रहकर तैयारी करने वाले लाखों छात्रों की समस्याओं, जैसे पेपर लीक और बेरोजगारी, पर उनके साथ सीधा संवाद करना है।
शिक्षा का बड़ा केंद्र होने के नाते, प्रयागराज में राहुल गांधी का यह संवाद न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस माध्यम से युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है और अब सबकी निगाहें 8 अगस्त की शाम ‘संगम नगरी’ में गूंजने वाली छात्रों की आवाज पर टिकी हैं।
