एक ही ट्रैक पर दौड़ेंगी तीनों ट्रेन, नोएडा एअरपोर्ट से फिल्मी सिटी तक LRT चलाने की मिली मंजूरी
नोएडा इंटरनेशनल एअरपोर्ट से फिल्म सिटी तक अब पॉड टैक्सी के बजाय लाइट ट्रांजिट रेल चलेगी। यह मार्ग लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। LRT संचालन के लिए प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
नोएडा (उप्र) : नोएडा इंटरनेशनल एअरपोर्ट आने वाले यात्रियों की यात्रा आसान बनाने के लिए ‘नमो भारत’ और ‘मेट्रो लाइन’ के ट्रैक पर अब लाइट ट्रांजिट रेल (एलआरटी) भी दौड़ेगी। नोएडा इंटरनेशनल एअरपोर्ट से फिल्म सिटी तक लाइट ट्रांजिट रेल (एलआरटी) के संचालन के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे संबंधित प्रस्ताव केंद्रीय शहरी आवासन मंत्रालय को भी भेज दिया गया है। आने वाले 2-3 महीनों में इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है। लाइट ट्रांजिट रेल 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को इससे संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि फिल्म सिटी से एअरपोर्ट तक पहले ‘पॉड टैक्सी’ चलाने का प्रस्ताव था, लेकिन इसकी जगह अब यहां LRT का संचालन होगा। यह मार्ग लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। LRT संचालन के लिए प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव भारत सरकार के केंद्रीय शहरी आवासन मंत्रालय को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन महीनों में इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
अब एक साथ होगा ट्रैक का निर्माण
इससे पहले बीते गुरूवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड मीटिंग हुई थी। इस बैठक में चेयरमैन अनिल सागर के समक्ष एअरपोर्ट से गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा को जोड़ने वाली परियोजनाओं को रखा गया। इसमें जानकारी दी गई कि दो चरणों में प्रस्तावित, गाजियाबाद से एअरपोर्ट के बीच ट्रैक का निर्माण अब एक साथ किया जाएगा। पहले की योजना में पहले चरण में गाजियाबाद के सिद्धार्थनगर से इकोटेक-6 तक 39.39 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनना था। जबकि, दूसरे चरण में इकोटेक-6 से हवाई अड्डा तक 32.90 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनना था।
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परियोजना पर खर्च होंगे 20 हजार करोड़
अधिकारी ने बताया कि यह ट्रैक पूरी तरह से एक एलिवेटेड ट्रैक होगा। ‘नमो भारत’ ट्रेन इस पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इस परियोजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार 20-20 फीसदी का अंशदान करेंगी। बाकी 60 प्रतिशत खर्च राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC)करेगा। अधिकारी ने बताया कि अगर NCRTC यह खर्च करने में असमर्थता जताती है तो इस परियोजना के लिए बजट की वयवस्था गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा, यमुना विकास प्राधिकरण और नोएडा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (नायल) करेगा।
एक ही ट्रैक पर दौड़ेंगी तीनों ट्रेन
परियोजना को लेकर यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि अब एक ही ट्रैक पर ‘नमो भारत’, ‘मेट्रो’ और ‘एलआरटी’ चलाई जाएंगी। इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। अब इसके लिए 14.6 किलोमीटर का अलग ट्रैक बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इस ट्रैक पर ‘लाइट ट्रांजिट रेल’ 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। प्रत्येक मेट्रो के बीच का अंतराल 3.5 मिनट होगा। रैपिड रेल के बीच यह अंतराल सात मिनट और एलआरटी के लिए सेवा का अंतराल आठ मिनट रहेगा।
एजेंसी इनपुट के साथ)
