महिला से पुरुष या पुरुष से महिला बनने पर बदलेगा अंकपत्र और प्रमाणपत्र, प्रयागराज में मिले सबसे ज्यादा मामले

UP Board News: यूपी बोर्ड ने लिंग परिवर्तन के बाद अंकपत्र और प्रमाणपत्र में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है। प्रदेश में अब तक 10 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया, जिनमें प्रयागराज के सबसे अधिक 5 मामले हैं।
UP Board Gender Change Process: Marksheets-Certificates to Be Updated After Legal Gender Change
लिंग परिवर्तन के बाद दस्तावेजों में संशोधन की प्रक्रिया(सांकेतिक फोटो)
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UP Board Gender Change Process: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने परीक्षार्थियों के दस्तावेजों में लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब महिला से पुरुष या पुरुष से महिला के रूप में लिंग परिवर्तन के आवेदन पर बोर्ड अंकपत्र और प्रमाणपत्र में आवश्यक संशोधन कर रहा है। प्रदेशभर में अब तक 10 परीक्षार्थियों ने लिंग परिवर्तन के लिए आवेदन किया है। इनमें आठ आवेदक महिला से पुरुष बने हैं, जबकि दो अन्य मामलों में प्रक्रिया चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया

यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। सुप्रीम कोर्ट के 17 अक्टूबर 2025 के आदेश के बाद यूपी बोर्ड ने लिंग परिवर्तन से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई शुरू की। बोर्ड सचिव ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। शिक्षण संस्थानों में ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी गई है।

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पहले डीएम कार्यालय में करना होगा आवेदन

लिंग परिवर्तन के इच्छुक अभ्यर्थी को सबसे पहले जिलाधिकारी के यहां आवेदन करना होगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड बैठता है और चिकित्सकीय जांच के बाद रिपोर्ट दी जाती है। इसके आधार पर जिलाधिकारी प्रमाणपत्र जारी करते हैं। आवेदक को यह प्रमाणपत्र समाचारपत्र में प्रकाशित कराना होता है। इसके बाद यूपी बोर्ड में आवेदन किया जाता है। बोर्ड प्रमाणपत्र और अंकपत्र में आवश्यक बदलाव करता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं है।

प्रयागराज में सबसे अधिक मामले

बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार, सबसे अधिक पांच मामले क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में आए हैं। इनमें सभी को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नए अंकपत्र व प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ और वाराणसी में दो-दो तथा बरेली में एक मामला सामने आया है। गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में अभी तक इस तरह का कोई आवेदन नहीं मिला है। बोर्ड की यह प्रक्रिया दस्तावेजों में आवेदक की बदली हुई पहचान को दर्ज करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।

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