उमेश पाल हत्याकांड: पुलिस की तलाश पूरी, गया से प्रयागराज लाया गया पांच लाख का ईनामिया शूटर अरमान

Umesh Pal Murder: उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और पांच लाख रुपये के इनामी शूटर अरमान को बिहार के गया से कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया है। पुलिस आज अदालत में पेश कर कस्टडी रिमांड मांग सकती है।
Umesh Pal Murder Case: Five-Lakh Reward Shooter Armaan Brought to Prayagraj from Gaya
उमेश पाल- शूटर अरमान(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Umesh Pal Murder Case: प्रदेश का चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी और पांच लाख रुपये के इनामी शूटर अरमान को कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात बिहार के गया से प्रयागराज लाया गया है। पुलिस आज प्रयागराज की अदालत में पेश करेगी। पेशी के दौरान पुलिस की ओर से अरमान की कस्टडी रिमांड मांगे जाने की तैयारी है। इसकी पूरी तैयारी पुलिस कर चुकी है। रिमांड मिलने पर पुलिस हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम, फरारी और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में पूछताछ कर सकती है।

अरमान के प्रयागराज पहुंचने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ​​सतर्क हैं। उसे गया से सड़क मार्ग के जरिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में लाया गया। प्रयागराज पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया और न्यायालय में पेशी की तैयारी में पुलिस जुटी है।

उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी है अरमान

24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के दौरान हमलावरों ने उमेश पाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबाजी की थी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में कई हमलावर दिखाई दिए थे। पुलिस ने हत्याकांड की जांच के दौरान शूटरों और साजिश में शामिल आरोपियों की पहचान की थी।

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अरमान पर भी इस हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

रिमांड में सामने आ सकते हैं कई अहम तथ्य

मूल रूप से गया निवासी अरमान को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस उसकी कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दे सकती है। पुलिस की पूछताछ में हत्याकांड से पहले और बाद की गतिविधियों, फरारी के दौरान उसके ठिकानों और मददगारों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा सकता है।

अरमान से पूछताछ उमेश पाल हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर सकती है कि वारदात के बाद वह किन लोगों के संपर्क में रहा और फरारी के दौरान उसे किस स्तर पर मदद मिली। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिस को उसकी कस्टडी रिमांड मिलती है या नहीं।

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