प्रयागराज में अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों की फिर जांच, SIT के रडार पर 12 एकड़ जमीन

Atiq Ahmed Benami Property: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद की कथित बेनामी संपत्तियों की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। शिकायत पर गठित एसआईटी ने धूमनगंज क्षेत्र में करीब 12 एकड़ जमीन का पता लगाया है।
SIT Probes Atiq Ahmed’s Alleged Benami Properties in Prayagraj, 12 Acres of Land Under Scanner
अतीक अहमद (सोर्स- सोशल मीडिया)
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SIT Investigation On Atiq Ahmed Benami Property: प्रयागराज में एक बार फिर माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों की तलाश तेज हो गई है। अधिवक्ता की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने विशेष जांच दल का गठन किया है, जिसने शुरुआती जांच में ही धूमनगंज क्षेत्र में करीब 12 एकड़ जमीन का पता लगाया है। आरोप है कि यह जमीन अतीक अहमद ने अपने करीबी मदन लाल भारतीय के नाम से खरीदी थी। करोड़ों रुपये मूल्य की इस संपत्ति की जांच अब प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की टीम कर रही है। वहीं कभी अतीक के साम्राज्य का प्रतीक रहा उसका कार्यालय आज खंडहर में तब्दील हो चुका है, जो उसके उत्थान और पतन की कहानी खुद बयां करता है।

प्रयागराज के कई इलाकों में था अतीक का दबदबा

संगम नगरी प्रयागराज में अपराध की दुनिया से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले बाहुबली माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद का साम्राज्य अब धीरे-धीरे परत दर परत खुल रहा है। कभी प्रयागराज के कई इलाकों में अतीक का दबदबा था और उसके नाम का खौफ दिखाई देता था। लेकिन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या और फिर उमेश पाल हत्याकांड के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। अतीक और उसके भाई अशरफ को जेल भेजा गया और मेडिकल चेकअप के लिए ले जाते समय दोनों की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

एक अधिवक्ता की शिकायत पर फिर से शुरू हुई जांच

इसके बाद अतीक की बेनामी संपत्तियों की तलाश शुरू हुई। उसके करीबी और राजमिस्त्री रहे हुबलाल ने भी पुलिस को कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे। अब एक अधिवक्ता की शिकायत पर जिला प्रशासन ने फिर से जांच शुरू की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धूमनगंज क्षेत्र में मदन लाल भारतीय के नाम पर अतीक की बेनामी संपत्ति मौजूद है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मनीष शांडिल्य, एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्र, पीडीए सचिव विनीत सिंह, एसडीएम सदर अभिषेक सिंह समेत कई अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल गठित किया गया। जांच दल ने महज दो दिनों की पड़ताल में लगभग 12 एकड़ भूमि का पता लगाया है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अब इस जमीन के स्वामित्व और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

योगी सरकार की कार्रवाई में चला बुल्डोजर

कभी अतीक अहमद के रसूख और ताकत के सबसे बड़ा प्रतीक प्रयागराज में उसकी संपत्ति से उसका कार्यालय संचालित होता था और कहा जाता है कि कई अधिकारी एवं प्रभावशाली लोग उससे मिलने पहुंचते थे। समय बदला, सत्ता बदली और हालात भी बदल गए। मायावती सरकार के दौरान इस भवन पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन बाद में यह फिर खड़ा हो गया।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद योगी सरकार की कार्रवाई में बुल्डोजर चला और यह इमारत जमींदोज कर दी गई। आज यह खंडहर इस बात की गवाही दे रहा है कि अपराध से खड़ा किया गया साम्राज्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका अंत एक दिन निश्चित होता है।

फिलहाल विशेष जांच दल अतीक अहमद से जुड़ी अन्य संभावित बेनामी संपत्तियों की भी पड़ताल कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रयागराज में माफिया के आर्थिक साम्राज्य से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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