अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा; डीसीपी-एडीएम समेत 5 अफसरों की एसआईटी गठित
Prayagraj Police Action: अतीक अहमद और उसके करीबियों की बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय SIT गठित की गई है। DCP व ADM संपत्तियों के स्वामित्व, दस्तावेजों और धन के स्रोत की जांच करेगी।
- Reported By: ओमप्रकाश सिंह परिहार | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
अतीक अहमद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Prayagraj Police Action On Atiq Ahmed Benami Property: माफिया अतीक अहमद और उसके करीबियों की कथित बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए प्रयागराज पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एक अधिवक्ता की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई को अतीक के आर्थिक नेटवर्क पर एक और बड़ चोट माना जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अतीक अहमद और उसके परिजनों ने अपने परिचित चकिया निवासी मदन लाल भारतीया के नाम पर धूमनगंज क्षेत्र में कई संपत्तियां खरीदी थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. अजय पाल ने जांच के आदेश जारी किए हैं।
संपत्तियों के स्वामित्व व धन के स्रोत की होगी पड़ताल
गठित एसआईटी में डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य, एडीएम सिटी सत्यम मिश्र, अपर नगर आयुक्त अरविंद ओके राय, एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा और पीडीए सचिव विनीत कुमार सिंह को शामिल किया गया है। टीम को संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच, गोपनीय सूचनाएं जुटाने और संपत्तियों के स्वामित्व व धन के स्रोत की पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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आदेश के अनुसार एसआईटी को तीन दिनों के भीतर जांच प्रक्रिया शुरू करनी होगी। साथ ही टीम हर सोमवार को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रगति रिपोर्ट अपर पुलिस आयुक्त को सौंपेगी। जांच में यदि अवैध या बेनामी संपत्तियों के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मौत के तीन साल बाद भी नहीं मिट रहे निशान
बता दें कि 15 अप्रैल 2023 की रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का अंत तो हो गया लेकिन आज भी शहर में लोग उसके नाम और कारनामों से त्रस्त हैं। उसने अपने जीवन में इतनी जमीनों पर कब्जा किया था आज भी हर दूसरी शिकायत में अतीक अहमद का नाम शामिल है। अतीक अहमद, अशरफ और इनके गुर्गों के शिकायत की भरमार पड़ी है। इनके खिलाफ इतनी शिकायतें की गई है कि अफसर भी परेशान है। माफिया तो मर गया लेकिन उसके अपराध की जड़े मौत के तीन साल बाद भी निशान मिट नहीं दे रहे है।
सबसे ज्यादा मामले सदर तहसील की जनसुनवाई में आए है जहां 100 शिकायतों में 40 से 50 जमीन, संपत्ति कब्जे की शिकायतों में बस माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम शामिल रहता है। अतीक अहमद की अवैध कमाई और उससे जुड़े आर्थिक तंत्र की परतें खोलने के लिए चल रहे अभियान के बीच एसआईटी का गठन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के नतीजों पर अब प्रशासन और आम लोगों की नजरें टिकी हैं।
