दीपोत्सव पर फैल रहा है ‘वोकल फॉर लोकल’ का उजाला, फेस्टिव सीजन में स्थानीय उत्पादों ने बाजार में बनाई खास जगह

Vocal For Local: प्रयागराज में स्वदेशी उत्पादों की बाजार में कुल हिस्सेदारी 68 फीसदी पहुंच गयी है, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स का अनुमान है कि दीपावली के बाद यह 75 फीसदी से अधिक पहुंच जाएगी।
CAIT Prayagraj Business Vocal for Local
CAIT प्रयागराज (सोर्स : सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • नवरात्र पर 570 करोड़ रुपये का कारोबार

  • दीपावली मे दो गुने से ज्यादा का अनुमान

  • ग्राहकों की संख्या में  17 से 19 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है

Prayagraj Local Markets Activity Diwali Festival: दीपावली के फेस्टिव सीजन मे स्थानीय बाजारों मे रौनक बढ़ गई है उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों मे भी फेस्टिव मार्केट मे इस बार बेहतर उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार मे इस बार स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ी है जिससे स्थानीय अर्थ व्यवस्था भी मजबूत हो रही है।

नवरात्रि से शुरू हुए इस फेस्टिव सीजन मे बाजार ने रफ्तार पकड़ ली है प्रयागराज मे दीपावली के सीजन मे कारोबार मे तेजी से इजाफा हुआ है ।नवरात्रि के बाद धनतेरस से  ही  चौक, सिविल लाइंस, कटरा, शाहगंज, जॉनसेनगंज, घंटाघर, मुट्ठीगंज, कीडगंज और दारागंज के बाजारों में ग्राहकों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि व्यापारियों को दुकानें देर रात तक खोलनी पड़ीं।

बाजार में ‘वोकल फॉर लोकल’ की धूम

इस बार के फेस्टिव सीजन के बाजार मे स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की भी हिस्सेदारी ने बड़ी छलांग लगाई है। प्रयागराज के बाजारों में वह अपील जमीन पर उतरती दिखी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि डिजिटल जागरूकता से लोगों की  मार्केटिंग के ट्रेंड मे बदलाव आया है ग्राहक वातावरण और त्वचा को नुकसान पहुचाने वाले उत्पादों की जगह इकोफ्रेंडली उत्पाद पसंद कर रहे हैं।

चीनी झालर, प्लास्टिक की मूर्ति और विदेशी सजावटी सामान को छोड़कर मिट्टी के दीये, गोबर के दीये, मूंज के तोरण, हाथ से बने बंधनवार और मिलेट से बनी देशी मिठाइयों और कुकीज को तरजीह दे रहे हैं, महेंद्र गोयल का कहना है कि यही वजह है कि अभी स्थानीय बाजारों मे स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की हिस्सेदारी 68 फीसदी पहुच गई है जिसके त्योहार के समापन तक 75 फीसदी से अधिक पहुचने का अनुमान है।

CAIT State President Mahendra Goyal, President Dinesh Singh
CAIT प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल,सर्राफा व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश सिंह(सोर्स : नवभारत लाइव)

नवरात्र पर 570 करोड़, दीपावली मे दो गुने से ज्यादा का अनुमान

प्रयागराज मे नवरात्र के दौरान बाजार में अच्छी रौनक रही। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स  की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक अनुसार इस बार करीब 570 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। अनुमानित कारोबार मे नवरात्र में रियल एस्टेट में सर्वाधिक 265 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

ऑटोमोबाइल्स में 55 करोड़ रुपये और गारमेंट्स में 35 करोड़ रुपये का व्यापार दर्ज किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स में 32 करोड़ रुपये और फर्नीचर में 28 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसी तरह  मिठाई-प्रसाद में 15 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। लेकिन धनतेरस से शुरू हो रहे दीपोत्सव के फेस्टिव सीजन मे यह कारोबार दो से ढाई गुना होने का अनुमान है। धनतेरस और दीपावली का इंतज़ार कर रहे सर्राफा व्यापारियों की उम्मीदें  सबसे अधिक  है।

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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही है संजीवनी

अमेरिकी राजनीति मे हुई उठापटक और सोने और चांदी की कीमतों मे आई गिरावट से भी बाजार उठेगा। प्रयाग सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश सिंह का कहना है कि सोने के भाव में 8 हजार और चांदी के भाव में 22 हजार की आई कमी से अभी से लोग धनतेरस और दीपावली के लिए उत्पादों की प्री बुकिंग कर रहे हैं।यह सर्राफा बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

प्रदेश में विकास और व्यापार कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। विकास के साथ-साथ लोगों की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है इसका असर त्योहारों में प्रयागराज में हो रही खरीददारी पर भी पड़ रहा है। प्रयागराज में प्रति व्यक्ति आय में पिछले तीन वर्षों में 27 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है जिसका असर कारोबार पर हुआ है।

स्वदेशी उत्पादों से मजबूत हो रही अर्व्यस्था

प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राणा चावला का कहना है कि बाजार में ग्राहकों की संख्या में  17 से 19 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। लगातार जीएसटी संग्रह में हो रही वृद्धि भी बता रही कि व्यापारियों की संख्या से अधिक व्यापार में इजाफा हुआ है। दूसरी अहम बात डिजिटल ट्रांजैक्शन से अभी तक जो दो नंबर की समानांतर अर्थव्यवस्था चल रही थी सरकार ने उसे खत्म कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव स्थानीय अर्थव्यवस्था मे देखा जा रहा है ।

स्वदेशी और गांव की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें 2.5 लाख गोमय उत्पाद के दीपक श्रृंगवेरपुर के लिए और 1.5 लाख भारद्वाज आश्रम के लिए बनने थे जिन्हें स्थानीय समूहों की महिलाओं ने तैयार किया है। जिके की 450 स्वयं सहायता समूह की 5500 महिलाएं इस कार्य में लगी हुई हैं। नगरीय क्षेत्र में डूडा की 200 से अधिक महिलाओं को दीए और गोमय उत्पाद से लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, वंदनवार, तोरण आदि बनाने के ऑर्डर दिए गए हैं।

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