

Prayagraj Tourism Development Project: तीर्थराज प्रयागराज में धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर पर्यटन विभाग ने बड़े पैमाने पर काम कराए हैं। संगम नगरी में जहां धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार हुआ है, वहीं फसाड लाइटिंग, इको टूरिज्म, होटल उन्नयन और पर्यटन नीति के जरिए निवेश को भी बढ़ावा मिला है। विभाग के अनुसार पर्यटन नीति-2022 के तहत जनपद में 1,52,332.70 लाख रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है।
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13,142.51 लाख रुपये की धनराशि से विभिन्न परियोजनाएं पूरी कराई गईं। 12 माधव एवं परिक्रमा पथ से जुड़े मंदिरों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया गया। श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क के फेज-1 और फेज-2 का निर्माण, भगवान श्रीराम और गुहराज निषादराज की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा, थीमेटिक गेट, पार्किंग और म्यूरल आर्ट समेत कई काम कराए गए।
दलतपुर शिव मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, भारद्वाज आश्रम, मंकामेश्वर मंदिर, वेणी माधव मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर अरैल, तक्षक तीर्थ मंदिर, लाक्षागृह और अन्य धार्मिक स्थलों का भी विकास एवं सौंदर्यीकरण किया गया।
प्रमुख धार्मिक और हेरिटेज स्थलों को रात्रि पर्यटन के लिहाज से आकर्षक बनाने के लिए 2,708.81 लाख रुपये से फसाड लाइटिंग कराई गई। नागवासुकी मंदिर, अलोपी देवी मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम, शंकर विमान मंडपम, नैनी ब्रिज, शास्त्री ब्रिज और सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर समेत प्रमुख स्थलों को रोशनी से सजाया गया। इससे इन स्थलों की रात्रिकालीन खूबसूरती बढ़ी है।
प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मेजा के कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र में 499.87 लाख रुपये से इको पार्क और पर्यटक सुविधाओं का विकास किया गया। पर्यटकों के ठहरने की सुविधा बेहतर करने के लिए 736.50 लाख रुपये से होटल राही इलावर्त और होटल त्रिवेणी दर्शन का उन्नयन कराया गया। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय का भी उच्चीकरण किया गया।
पर्यटन विभाग की ओर से वर्तमान में भी 1,699.97 लाख रुपये की लागत से विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य जारी हैं। इनमें फूलपुर का इंद्री धाम मंदिर, सोरांव का दुर्गा मंदिर देवी धाम, पंचदेवरा, करछना का फलाहारी बाबा मंदिर, मंदाहे माफी का भद्रेश्वर महादेव मंदिर, घीनपुर का प्राचीन शिवाला मंदिर, हंडिया के भोलेगिरि मंदिर और बजरंग आश्रम मंदिर, महादेव भेलनाथ मंदिर, अलोपीबाग का गीता निकेतन मंदिर, कोरांव का शंकर जी मंदिर और जसरा के पथरबन्धी महादेवालय समेत कई स्थल शामिल हैं। विभाग का दावा है कि इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और पर्यटन गतिविधियों को गति मिली है।