

ACJM Court Summons Pappu Yadav: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रयागराज की अदालत ने उनके खिलाफ दायर परिवाद पर प्रथम दृष्टया मामला बनता हुआ मानते हुए नोटिस जारी किया है। अदालत ने पप्पू यादव को 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
यह वाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के विधि विभाग के प्रदेश सह संयोजक सुशील कुमार मिश्रा की ओर से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कक्ष संख्या-10, न्यायाधीश योगेश जैन की अदालत में दाखिल किया गया।
परिवादी का आरोप है कि पप्पू यादव द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयान और कथित टिप्पणियां कानून के दायरे में दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द और जनभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने परिवाद, प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रारंभिक तथ्यों का अवलोकन किया। इसके बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आरोपों को विचारणीय मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 196, 298 और 356 के तहत पप्पू यादव के खिलाफ नोटिस जारी किया।
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अदालत ने सांसद पप्पू यादव को 11 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यदि वह निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते हैं तो न्यायालय आगे की वैधानिक कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है। चूंकि मामला एक वर्तमान सांसद से जुड़ा है, इसलिए आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत मामले में आगे किस दिशा में कार्रवाई करती है। फिलहाल कोर्ट ने केवल प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए नोटिस जारी किया है और अंतिम निर्णय सुनवाई के बाद ही होगा।