नीले ड्रम में लाश नहीं, कैश मिलने से मचा हड़कंप; प्रयागराज में जमीन खोदकर निकली 60 करोड़ रुपये की नकदी!

Prayagraj Cash Found: तलाशी के दौरान परिसर में अलग-अलग स्थानों पर खुदाई की गई, जहां से तीन ड्रम बरामद होने की बात सामने आई। कार्रवाई के बाद मकान के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
Cash in a blue drum
नीले ड्रम में कैश(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • नवाबगंज में तीन प्लास्टिक ड्रमों में नकदी छिपाए जाने की सूचना पर छापेमारी

  • जमीन में गाड़कर रखे गए थे रुपये

  • पुलिस ने मकान को घेरा

Prayagraj Cash Found In Blue Drum: नीले ड्रम में लाश मिलने की घटनाओं की चर्चा के बीच संगम नगरी के गंगानगर जोन में जमीन खोदकर निकाले गए नकदी से भरे ड्रमों ने हड़कंप मचा दिया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान परिसर में छापेमारी के दौरान जमीन में छिपाकर रखे गए तीन प्लास्टिक ड्रम बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 60 करोड़ रुपये नकद होने की चर्चा है। हालांकि, बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर सील करने और मामले में संबंधित विभागों को सूचना देने की बात कही है।

मुखबिर की सूचना पर नवाबगंज और सोरांव पुलिस की कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज की ओर से नकबजनी यानी घरों और प्रतिष्ठानों में चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली कि नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव स्थित एक मकान में चोरी के रुपये जमीन में गाड़कर छिपाए गए हैं। सूचना के आधार पर नवाबगंज और सोरांव थाने की संयुक्त टीम ने बताए गए मकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान परिसर में अलग-अलग स्थानों पर खुदाई की गई, जहां से तीन ड्रम बरामद होने की बात सामने आई। कार्रवाई के बाद मकान के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

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मुंबई से लौटने के बाद जमीन और वाहन खरीदने की चर्चा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मकान को गांव निवासी राजेश यादव उर्फ बबलू से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वह करीब 15 वर्ष पहले मुंबई गया था और वहां एक कंपनी में काम करता था। लगभग पांच वर्ष पहले गांव लौटने के बाद उसने दादनपुर, मुबारकपुर, मैदारा और शांतिपुरम समेत अलग-अलग स्थानों पर जमीन खरीदी। ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहन खरीदने के साथ दूसरे गांव में मकान बनवाने की भी चर्चा है। हालांकि, इन संपत्तियों और बरामद नकदी के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नकदी के स्रोत और वैधता की जांच पर टिकी निगाहें

कार्रवाई के दौरान गंगानगर जोन के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगाए जाने की चर्चा है। फिलहाल बरामद नकदी की वास्तविक मात्रा, नोटों का विवरण, रुपये के स्रोत और संभावित चोरी से उनके संबंध को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

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