

Prayagraj Cleanliness Mission: केंद्र सरकार ने देश के 24 राज्यों के 50 शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की पहल की है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में ‘प्रगति-50’ पहल का शुभारंभ किया। इसमें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज समेत छह शहरों को शामिल किया गया है। पहल का उद्देश्य चयनित शहरों में स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, जल प्रबंधन और नागरिक भागीदारी के क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित करना है।
उत्तर प्रदेश से प्रयागराज के अलावा आगरा, अयोध्या, लखनऊ, मथुरा और वाराणसी को इस पहल के लिए चुना गया है। इन शहरों में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक और प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जाएगी। चयनित शहरों को देश के अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में तैयार करने की योजना है।
पहल के तहत शहरी स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, जल प्रबंधन, स्वच्छता तथा नागरिक भागीदारी में दिखाई देने वाले और सतत सुधार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अनुसार चयनित 50 शहरों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी। इसके लिए परिणाम आधारित आकलन और तकनीक-सक्षम निगरानी व्यवस्था का इस्तेमाल होगा। शहरों में बेहतर नागरिक अनुभव और सेवाओं के लिए ‘सिटी एज ए होल’ दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल समीक्षा तंत्र भी विकसित किया गया है।
पहल में प्रमुख शहरों, सांस्कृतिक महत्व वाले नगरों, उच्च पर्यटन क्षमता वाले स्थलों और आर्थिक केंद्रों को शामिल किया गया है। स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को निर्धारित लक्ष्यों और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। प्रयागराज को इस पहल में शामिल किए जाने को संगम नगरी की स्वच्छता और बुनियादी विकास के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि स्वच्छता और बुनियादी विकास के क्षेत्र में प्रयागराज लगातार अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने इसे नगर निगम, पार्षदों और शहरवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।