

Kaushambi Firecracker Factory Blast News: अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने पटाखा फैक्ट्री संचालक नौशाद के बिजनेस पार्टनर शोएब को पिपरी के काठ गांव से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि शोएब, नौशाद के साथ मिलकर पटाखों के कारोबार में सक्रिय था और तमिलनाडु से पटाखे व हापुड़ से बारूद मंगाकर ऊंचे दामों पर बेचता था।
पुलिस जांच में पता चला कि शोएब के पिता अलीम के नाम पटाखा बिक्री का लाइसेंस था। इसी लाइसेंस की आड़ में नौशाद और शोएब तमिलनाडु से पटाखे तथा हापुड़ से बारूद मंगाते थे। इसके बाद तैयार पटाखों को आसपास के जनपदों में ऊंचे दाम पर बेचा जाता था। पुलिस ने शोएब के पास से कैशमेमो और मोबाइल भी बरामद किया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि विस्फोट में इस्तेमाल होने वाले रसायन की आपूर्ति हापुड़ के पिलखुवा से हुई थी। पुलिस के मुताबिक पोटैशियम नाइट्रेट (कलमी शोरा) वर्ष 2024 में पिलखुवा के एक कारोबारी से मंगाया गया था। इस साल भी इसका इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इस रसायन की सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही है।
कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में 31 अगस्त को हुए भीषण विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई थी। मामले में नौशाद, उसके बेटे आदिल और भाई शकील को उत्तर प्रदेश पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। नौशाद की पत्नी समेत तीन अन्य महिलाएं भी मामले में जेल में हैं।
पुलिस ने नौशाद और शकील की सीडीआर खंगालने के साथ ही उनके संपर्कों की पड़ताल की। इसी जांच के दौरान प्रयागराज के शाहगंज क्षेत्र के रहने वाले शोएब का नाम सामने आया। पूछताछ में शोएब ने बताया कि उसके पिता अलीम के नाम पटाखा बिक्री का लाइसेंस है। वह नौशाद और शकील के साथ मिलकर तमिलनाडु से पटाखे और हापुड़ से बारूद मंगाकर आसपास के जनपदों में बेचता था।
पुलिस अब हापुड़ से रसायन की आपूर्ति करने वालों और पटाखा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।