ट्रेन यात्रियों के लिए जरूरी खबर; अब क्षमता से ज्यादा सामान नहीं होगा बुक, ओवरलोडिंग पर लगेगी लगाम

Railway Luggage Rules: ट्रेनों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए लगेज और पार्सल बुकिंग की अधिकतम सीमा तय कर दी है। पार्सल वैन की क्षमता का अधिकतम 20 प्रतिशत हिस्सा व्यक्तिगत लगेज बुकिंग के लिए इस्तेमाल होगा।
Indian Railways New Luggage Rules: Booking Limit Set to Prevent Overloading in Trains
रेलवे लगेज बुकिंग नियम(सोर्स- सांकेतिक इमेज)
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Indian Railways New Rules: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है कि अब यात्री ट्रेनों में अपनी मर्जी के मुताबिक भारी-भरकम सामान लेकर सफर नहीं कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने लगेज और पार्सल बुकिंग की अधिकतम सीमा तय कर दी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ट्रेनों में ओवरलोडिंग रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पार्सल वैन में सिर्फ 20 फीसदी क्षमता की बुकिंग

रेलवे के नए नियम के मुताबिक कोच की कुल वहन क्षमता का अधिकतम 20 प्रतिशत हिस्सा ही व्यक्तिगत लगेज बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। सामान्य चार टन क्षमता वाले कोच में अधिकतम 800 किलोग्राम तक सामान की बुकिंग की अनुमति होगी।

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एलएचबी कोच में भी तय होगी सीमा

एलएचबी ट्रेनों के कोच की क्षमता करीब 3.9 टन है। इनमें अधिकतम 7.8 क्विंटल यानी 780 किलोग्राम तक लगेज बुक कराया जा सकेगा। शेष 80 प्रतिशत स्थान का इस्तेमाल व्यावसायिक लीज, नियमित पार्सल और डाक (आरएमएस) व्यवस्था के लिए किया जाएगा।

ज्यादा सामान बुक कराने पर लगी रोक

रेलवे के अनुसार पहले पार्सल वैन में क्षमता से अधिक बोरियां और बक्से आदि ठूंस दिए जाते थे। यात्री जितना सामान बुक कराते थे, उससे अधिक सामान कोच में भरकर अतिरिक्त कमाई का प्रयास किया जाता था। ओवरलोडिंग के कारण यात्रियों का सामान दबकर टूटने और खराब होने की शिकायतें भी सामने आती थीं।

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वजन सीमा से समस्या खत्म होने की उम्मीद

रेलवे का मानना है कि लगेज की वजन सीमा निर्धारित होने के बाद कोच और स्प्रिंग पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा। साथ ही यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी। नई व्यवस्था से ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।

सात अगस्त से पूरे देश में लागू

रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) रोहित कुमार के मुताबिक यह नियम पहले ट्रायल के तौर पर लागू किया गया था। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे पूरे देश के रेल नेटवर्क में स्थायी रूप से लागू करने का निर्देश जारी किया गया है। सात अगस्त को सभी जोनल रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

टिकटिंग सॉफ्टवेयर में भी लिमिट फ्रीज

रेलवे ने ‘क्रिस’ को टिकटिंग और बुकिंग सॉफ्टवेयर में निर्धारित लगेज लिमिट फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। इससे तय सीमा से अधिक सामान की बुकिंग या नियमों में मनमाना बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

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