पंजीयन विभाग की नई पहल: ऑनलाइन होगी स्टांपिंग, किरायानामा और पट्टा विलेख बनाना हुआ आसान

Digital Document Stamping: पंजीयन एवं स्टांप विभाग ने किरायानामा और पट्टा विलेख के लिए डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था लागू कर दी है। जिसके तहत स्टांप शुल्क का भुगतान और ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया आसान हो गई।
Digital Stamping System Introduced for Online Rent Agreements and Lease Deeds
पंजीयन विभाग की नई पहल (सांकेतिक इमेज)
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Registration And Stamp Department For Digital Document: किरायानामा और पट्टा विलेख बनवाने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए पंजीयन एवं स्टांप विभाग ने डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के लागू होने से अब लोगों को स्टांपिंग के लिए उप निबंधक कार्यालयों और तहसीलों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किरायानामा या पट्टा विलेख का प्रारूप तैयार कर सकेंगे और निर्धारित स्टांप शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन कर पाएंगे।

पंजीयन एवं स्टांप विभाग की डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के आधार सत्यापन के बाद दस्तावेज के लिए आवश्यक स्टांप शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इसके बाद ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी होने पर डिजिटल स्टांपयुक्त दस्तावेज जारी कर दिया जाएगा। यह दस्तावेज आवेदक के पंजीकृत लॉगिन और ई-मेल पर उपलब्ध रहेगा, जिससे उसे कभी भी डाउनलोड किया जा सकेगा।

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किरायानामा और पट्टा विलेख बनवाने में लगने वाला समय कम होगा तथा लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और दस्तावेजों के रखरखाव में भी आसानी होगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल माध्यम अपनाने से कागजी कार्यवाही कम होगी और नागरिकों को तेज तथा सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी।

दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा

पंजीयन विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित कार्यालयों को इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल स्टांपिंग प्रणाली के जरिए दस्तावेजों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा। साथ ही रिकॉर्ड का डिजिटल संग्रहण होने से भविष्य में दस्तावेजों की उपलब्धता और सत्यापन भी आसान होगा।

विभाग के मुताबिक, डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था नागरिक सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लागू होने से किरायानामा और पट्टा विलेख से जुड़े कार्य पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक हो जाएंगे तथा आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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