

Prayagraj Municipal Corporation Development Project: तीर्थराज प्रयाग की पहचान को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नैनी के अरेल क्षेत्र में यमुना किनारे करीब 1500 मीटर लंबे रिवर फ्रंट के निर्माण की योजना तैयार की गई है। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नवंबर-दिसंबर के बीच निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता दिनेश चंद्र स्वागान के अनुसार, रिवर फ्रंट का निर्माण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाएगा। इसके विकसित होने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटक संगम और यमुना तट के मनोहारी दृश्य का आनंद ले सकेंगे। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या ने शहर की पर्यटन क्षमता को नई पहचान दी है, जिसे देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है।
रिवर फ्रंट को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था होगी, जिससे रात के समय इसकी सुंदरता और बढ़ जाएगी। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए म्यूजिकल फाउंटेन शो भी विकसित किया जाएगा, जहां पानी, रोशनी और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रिवर फ्रंट पर छायादार पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही 100 से अधिक बेंच स्थापित की जाएंगी, ताकि पर्यटक आराम से बैठकर प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकें। हर 500-500 मीटर की दूरी पर तीन सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे, जो युवाओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।
परियोजना के तहत एक विशेष फूड जोन भी विकसित किया जाएगा, जहां लगभग 70 से 80 दुकानें स्थापित होंगी। यहां आने वाले पर्यटक प्रयागराज के पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम का मानना है कि यमुना तट पर विकसित होने वाला यह रिवर फ्रंट प्रयागराज की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई देगा और आने वाले वर्षों में शहर का प्रमुख आकर्षण बनकर उभरेगा।