

Wall Collapse Heavy Rain In Noida Sector 12: यूपी के नोएडा में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कहर के बीच नोएडा के सेक्टर-12 के वाई ब्लॉक में एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के मुताबिक दिनभर हुई बारिश के बाद यहां एक कमजोर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। जिसकी चपेट में वहां खड़ी कई कारें आ गई और मलबे में दब गई।
गनीमत रही कि उस वक्त कारों में कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था और ना ही वहां आस-पास कोई व्यक्ति मौजूद था जिसके कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे में तीन से चार वाहन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है।
जानकारी के मुताबिक लगातार बारिश के कारण दीवार की नींव काफी कमजोर हो गई थी। इसलिए अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर दीवार गिर गई और उसके नीचे खड़ी सभी कारें दब गईं। मलबे की चपेट में आने के कारण वाहनों के शीशे टूट गए और बॉडी को भी काफी नुकसान हुआ है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर आ गए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि संबंधित दीवार काफी समय से जर्जर हालत में थी। संभावित खतरे को लेकर उससे संबंधित विभाग को कई बार इसकी मरम्मत कराने की बात कही गई थी। लेकिन प्रशासन द्वारा समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जिसके कारण यह हादसा हुआ। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि पहले ही दीवार की मरम्मत करा दी गई होती या उसे हटाने का काम किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
बता दें कि घटना के बाद रेजिडेंट्स में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने मांग की है कि सेक्टर में मौजूद सभी जर्जर दीवारों और कमजोर संरचनाओं का तत्काल सर्वे करा कर उसमें उचित कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाए ना हो। इस दौरान क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों को भी उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
सूचना मिलने पर थाना सेक्टर-24 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। जिससे क्षतिग्रस्त वाहनों को बाहर निकाला जा सके और प्रभावित आवागमन में भी राहत मिल सके।
ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और सड़क धंसने जैसी स्थिति बन गई है। और दीवार गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में जर्जर भवनों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई इसमें सुधार करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।