मेरठ लाठीचार्ज मामला: NHRC ने यूपी सरकार से मांगी रिपोर्ट, DGP और गृह सचिव को जारी किया नोटिस

UP Police: मेरठ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने बल प्रयोग और घायलों के इलाज पर जवाब मांगा है।
Meerut lathi charge case NHRC seeks report from UP government
मेरठ लाठीचार्ज मामला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Meerut Lathicharge Case: यूपी के मेरठ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित लाठीचार्ज की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और प्रमुख सचिव (गृह) को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

NHRC की पीठ, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो कर रहे हैं, ने डॉ. अंबेडकर जन कल्याण समिति की ओर से दायर शिकायत पर यह कार्रवाई की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेरठ में आयोजित एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन एक हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं, जिससे मानवाधिकारों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है।

आयोग ने मांगे कई अहम जवाब

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि पुलिस को बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी, प्रदर्शनकारियों को कितनी और किस प्रकार की चोटें आईं तथा कार्रवाई का कानूनी और प्रशासनिक आधार क्या था। आयोग ने यह भी जानकारी मांगी है कि घायलों को क्या चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का भी मांगा ब्योरा

NHRC ने अपने नोटिस में यह भी पूछा है कि यदि जांच में यूपी पुलिस की ओर से नियमों के उल्लंघन या अत्यधिक बल प्रयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है या की जाएगी। आयोग ने मामले को संभावित मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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