

Firoz Bhoora Arrested: यूपी के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज उर्फ भूरा की गुंडई का मामला सामने आया है। पिस्टल लेकर साथियों के साथ सराय बहलीम में फिरोज उर्फ भूरा देर रात असलम पहलवान के घर पहुंचा और धमकी दी। इस घटनाक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उधर, पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत और वीडियो फुटेज पुलिस को दी गई, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शाम के समय भूरा को गिरफ्तार भी कर लिया। वहीं, बाकी दो आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
मेरठ के कोतवाली के सराय बहलीम निवासी याकूब कुरैशी बसपा नेता और पूर्व मंत्री हैं। याकूब कुरैशी का छोटा बेटा फिरोज उर्फ भूरा अदनान सोमवार रात करीब 1.15 बजे अपने साथी इस्लामाबाद निवासी अदनान और एक अन्य के साथ सराय बहलीम में ही असलम पहलवान के घर पहुंचा। फिरोज के हाथ में इस दौरान पिस्टल थी।
आरोप है कि फिरोज और अदनान ने इस दौरान धमकी दी और घर पर हमला किया। बताया कि इस दौरान परिवार की महिलाओं में खौफ का माहौल बन गया। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई लेकिन इस दौरान फिरोज और उसके साथी फरार हो गए। अगले दिन मंगलवार सुबह असलम पहलवान के परिवार के हाजी सिराज ने पुलिस को तहरीर दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर फिरोज उर्फ भूरा, अदनान और एक अज्ञात के खिलाफ दंगा-बलवा, घर में घुसकर हमला करना और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया। बता दें कि, फिरोज उर्फ भूरा गिरफ्तार याकूब के बेटे फिरोज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों को लगाया गया। पुलिस ने याकूब के घर पर इसी मामले में दबिश दी। शाम करीब चार बजे पुलिस ने फिरोज उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, अभी तक पिस्टल बरामद नहीं हो सकी। पुलिस पूछताछ में भूरा ने बताया कि उसकी कुछ रकम असलम पहलवान और सिराज पर बकाया है। इसी रकम को वापस मांगने पर सोमवार दोपहर दूसरे पक्ष ने गाली गलौज की थी। इसलिए ही रात को घर पर पहुंच गया था। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लिया गया है और बुधवार को कोर्ट के सामने पेश किया गया।
फिरोज ने 4 अगस्त 2024 को दुबई जाने का प्रयास किया था और दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया था। चूंकि उस समय भूरा और उसके परिवार का रेड कार्नर नोटिस जारी था, इसलिए उसे एयरपोर्ट पर रोक लिया गया और मेरठ पुलिस को सूचना दी गई। उसी दौरान जांच में खुलासा हुआ कि भूरा ने पासपोर्ट नवीनीकरण की प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कराया।
कोतवाली में आवास होने पर भी पासपोर्ट सत्यापन के लिए मेडिकल थाने रिपोर्ट भेजी गई थी, जिस पर रिपोर्ट भी लगवा ली गई थी। इसी को लेकर मेडिकल थाने में तैनात दरोगा रतिराम और मुंशी को सस्पेंड किया गया था। साथ ही फिरोज पर मेडिकल थाने में ही मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच को दी गई थी।