पतंग लेने खेत में गया था साद; जमीन पर पड़े तार ने बुझाया इकलौता चिराग, बिजली विभाग पर लगा लापरवाही का आरोप

Meerut Accident News: मेरठ के गगोल गांव में खेत में पड़े बिजली विभाग के चालू तार की चपेट में आने से 9 वर्षीय मोहम्मद साद की मौत हो गई। बेटे को बचाने पहुंची मां और ममेरा भाई भी करंट से झुलस गए।
Meerut Electricity Accident: 9 Year Old Boy Dies After Coming Contact with Live Wire
9 वर्षीय मोहम्मद साद(सोर्स- फाइल फोटो)
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Meerut Electricity Accident: मेरठ के परतापुर थानाक्षेत्र के गगोल गांव में बुधवार शाम को 9 साल के मासूम मोहम्मद साद की खेत में पड़े बिजली के तार की चपेट में आने (करंट लगने) से दर्दनाक मौत हो गई। मासूम मोहम्मद साद बुधवार शाम को घर से निकला था। वह खेत में गिरी एक पतंग को उठाने गया था, जहां, जमीन पर बिजली का चालू तार पड़ा हुआ था। पतंग लेते समय वह उस तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।जब बच्चा देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी पूरी रात तलाश की। गुरुवार सुबह जब उसकी मां शबनम खेतों की तरफ ढूंढते हुए पहुंची, तो उन्होंने बेटे का शव तार में फंसा हुआ देखा।

मां और ममेरा भाई भी करंट से झुलसे

बेटे को तार से लिपटा देख मां शबनम ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे उन्हें भी करंट का तेज झटका लगा। मां की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ममेरे भाई अयान ने भी मदद करनी चाही, तो वह भी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। बच्चों की मौत का कारण स्पष्ट रूप से विद्युत विभाग की लापरवाही समझ में आती है, क्योंकि अगर बिजली के तार जमीन पर ना पड़े होते तो आज मासूम साद जिंदा होता।

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दरअसल, मेरठ के गगोल में बिजली विभाग की लापरवाही ने 9 साल के मासूम साद की जान ले ली। कल शाम से लापता साद का शव आज खेतों में लटकते बिजली के तारों में लिपटा मिला। बेटे को ढूंढने पहुंची मां शबनम और बचाने दौड़े ममेरे भाई अयान को भी जोरदार करंट लगा।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बंद कराया बिजली सप्लाई

वहीं, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पहले बिजली सप्लाई बंद कराई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साद अपने मजदूर पिता अकरम का इकलौता बेटा था। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को इस दर्दनाक हादसे का जिम्मेदार ठहरा रहे है। मेहनत-मजदूरी करने वाले अकरम का इकलौता चिराग अब बुझ चुका है।

रात भर तलाश के बाद सुबह खेतों में दूर दिखी पतंग की नोक से साद का सुराग मिला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पुलिस के पहुंचने तक इन तारों में मौत का करंट दौड़ रहा था। इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन ली हैं और पूरे इलाके में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।

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