

Vrindavan Dussehra Shastra Pujan 2026: विजयदशमी पर्व पर क्षत्रिय महासभा की ओर से आयोजित होने वाले पारंपरिक शस्त्र पूजन समारोह को इस बार भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आगामी 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में चौरासी कोस क्षेत्र के क्षत्रिय समाज के लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में पारंपरिक शस्त्रों के साथ समाजबंधुओं की भागीदारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी।
कार्यक्रम को लेकर बुधवार को बारह घाट स्थित श्रीराम फार्म हाउस में क्षत्रिय महासभा की प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें आयोजकों ने विजयदशमी के अवसर पर होने वाले शस्त्र पूजन समारोह की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। ठाकुर हरिवल्लभ सिंह और जितेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस बार शस्त्र पूजन समारोह को पहले की अपेक्षा अधिक भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए चौरासी कोस क्षेत्र में आने वाले क्षत्रिय समाज के विभिन्न परिवारों और समाजबंधुओं से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि विजयदशमी भारतीय परंपरा में असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक पर्व है। इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में पारंपरिक शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। जिन समाजबंधुओं के पास पारंपरिक शस्त्र हैं, उनसे समारोह में उन्हें लेकर शामिल होने का आह्वान किया गया है।
क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शस्त्र पूजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करना है। समारोह में चौरासी कोस क्षेत्र से बड़ी संख्या में समाज के लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्रीराम फार्म हाउस में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
प्रेस वार्ता में मौजूद पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने कहा कि विजयदशमी के पर्व पर होने वाला यह आयोजन क्षत्रिय समाज की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में समाज के बुजुर्गों के साथ युवाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी पारंपरिक मान्यताओं और सामाजिक विरासत से जुड़ सके।
प्रेस वार्ता के दौरान धर्मेंद्र पाल सिंह ठाक, कालीचरण सिंह ठाकुर, उदय सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, वीरेंद्र सिसोदिया, विजय राघव, अमरीश पुंडीर, धर्म सिंह, ठाकुर राधा रमन सिंह, ठाकुर अजीत प्रताप सिंह, लेखराज सिंह सिसोदिया, ज्ञानी सिंह, विजय सिंह दूध वाले, पंकज मोरवाल, विवेक मोरवाल, रणवीर, भोला ठाकुर, हेमंत सिंह, श्याम सिंह सिसोदिया सहित अन्य समाजबंधु मौजूद रहे।