

Vrindavan Gurukul Sanskrit Students Death: वृंदावन के चैतन्य बिहार स्थित संस्कृत गुरुकुल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे में चार संस्कृत विद्यार्थियों की मौत के बाद अब पुलिस ने एक मृत बच्चे के परिवार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गुरुकुल के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में एक बच्चे के परिवार की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुरुकुल के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों एवं तथ्यों को एकत्रित किया जा रहा है।
SSP ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। परिजन शवों को लेकर अपने-अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना के बाद जरूरी कार्रवाई पूरी की गई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे की विवेचना भी की जा रही है। जांच के दौरान घटना के कारणों, जिम्मेदारी और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
SSP श्लोक कुमार के मुताबिक, संस्कृत गुरुकुल में रहने वाले कुल 120 बच्चों का रजिस्टर और उनका क्रमवार ब्यौरा पुलिस ने प्राप्त कर लिया है। पुलिस ने बच्चों के परिवारों से भी संपर्क स्थापित किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गुरुकुल में रहने वाले सभी बच्चों के संबंध में पूरी जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध रहे।
पुलिस के अनुसार, वर्तमान में करीब 30 बच्चे अभी भी गुरुकुल परिसर में मौजूद हैं। इन बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित है और वे अपने परिवार वालों के संपर्क में हैं। पुलिस बच्चों की स्थिति और उनकी सुरक्षा को लेकर भी जानकारी जुटा रही है।
दर्दनाक हादसे के बाद मृत विद्यार्थियों के परिवारों में मातम का माहौल है। वहीं, घटना को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मथुरा पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।