Mathura: कृष्ण की नगरी मथुरा में होगा रावण वध, राम के बाण से धू-धू कर जलेगा अहंकार का प्रतीक

Mathura Ravana Dahan: मथुरा में विजयदशमी पर भव्य रावण दहन की तैयारियां तेज हैं। रावन दहन के दौरान पुतले में अट्टहास, मुंह से आग के गोले और आतिशबाजी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
Preparations for grand Ravan Dahan have intensified at Mathura's Dussehra fairground.
आयोजक बोले, भव्य होगा रावण दहन(सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • रावण के पुतले में दिखेगा आधुनिक तकनीक का कमाल

  • रामलीला में दिखेगा राम-रावण महासंग्राम

  • दशहरा मेले में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Dussehra Mathura Ravan Dahan: भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा में इस बार विजयदशमी का पर्व धार्मिक आस्था, भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक रावण दहन को लेकर दशहरा मेला स्थल पर तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान श्रीराम और रावण के बीच होने वाले महासंग्राम को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप देने के साथ-साथ सुरक्षा और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दशहरा मेला स्थल पर दिन-रात एक कर मजदूर और कारीगर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। मैदान की साफ-सफाई, मंच निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग का काम तेजी से चल रहा है। श्रद्धालुओं और वीआईपी अतिथियों के बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जा रही है। आयोजन स्थल पर प्रवेश और निकास के लिए भी विशेष मार्ग बनाए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

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आतिशबाजी बनेगी मुख्य आकर्षण

आयोजकों के अनुसार, इस बार रावण का पुतला पहले की अपेक्षा अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जा रहा है। पुतले में विशेष आतिशबाजी लगाई जा रही है, जो रावण दहन के समय श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। रावण के पुतले में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उसके अट्टहास की आवाज सुनाई देगी और मुंह से आग के गोले निकलते हुए दिखाई देंगे। आतिशबाजी और प्रकाश प्रभाव के कारण रावण दहन का दृश्य बेहद रोमांचक और यादगार होने की उम्मीद है।

विजयदशमी के दिन रामलीला मंचन के बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। जैसे ही मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम अपने धनुष पर अग्निबाण चढ़ाकर रावण के पुतले की ओर चलाएंगे, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठेगा। राम का बाण रावण के पुतले को भेदते ही उसमें आग लग जाएगी और देखते ही देखते अहंकार तथा अधर्म का प्रतीक विशाल पुतला धू-धू कर जल उठेगा।

Preparations for grand Ravan Dahan have intensified at Mathura's Dussehra fairground.
दशहरा की तैयारियां तेज(सोर्स: नवभारत लाइव)

मेले में सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर

रावण दहन के दौरान होने वाली आतिशबाजी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। पुतले से निकलने वाली रंग-बिरंगी रोशनी, तेज आवाज और आग के गोलों का दृश्य लोगों में रोमांच भर देगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मेला स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन तथा पुलिस विभाग की ओर से भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मेला स्थल पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और निगरानी दलों की मदद ली जा सकती है।

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श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, भीड़ में धक्का-मुक्की से बचने तथा निर्धारित स्थानों पर ही खड़े होकर रावण दहन देखने की अपील की गई है। आयोजन स्थल पर प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

मथुरा में रावण दहन का यह आयोजन केवल मनोरंजन या परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों का जीवंत संदेश भी देता है। भगवान श्रीराम की लीला श्रद्धालुओं को सत्य, मर्यादा, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। रावण का पुतला अहंकार, अत्याचार और अधर्म का प्रतीक माना जाता है। उसका दहन इस बात का संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

कृष्ण की नगरी मथुरा में भगवान श्रीराम की विजय का यह पर्व धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक बनेगा। श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल होंगे। राम के अग्निबाण से रावण के पुतले के जलते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजेगा और मथुरा एक बार फिर धर्म, आस्था और विजय का संदेश देती नजर आएगी।

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