

Premanand Maharaj Z Plus Security: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर संत समाज की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर गंभीर चिंता जताई गई है। पत्र में प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए सरकारी चिकित्सकों की विशेष टीम गठित किए जाने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आश्रम से जुड़े कुछ लोगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि संपत्ति को लेकर आश्रम से जुड़े लोगों के बीच कथित तौर पर दो गुट बन गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग संत समाज की आड़ में जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े मामलों में सक्रिय हैं। हालांकि, पत्र में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पत्र में आशंका जताई गई है कि प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और धार्मिक प्रभाव के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पत्र लिखने वाले ने आशंका व्यक्त की है कि महाराज के आसपास मौजूद किसी व्यक्ति के माध्यम से उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा सकती है। भोजन और उपचार के दौरान भी किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की गई है।
पत्र में आश्रम से जुड़े सभी संदिग्ध अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का पुलिस सत्यापन कराने की मांग भी की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि महाराज से मिलने वाले लोगों की निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए।
प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर भी पत्र में विशेष चिंता जताई गई है। पत्र में मांग की गई है कि यदि महाराज का स्वास्थ्य खराब होता है तो उनके उपचार के लिए सरकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित की जाए। पत्र में निजी चिकित्सकों से इलाज को लेकर भी आशंका व्यक्त की गई है और आरोप लगाया गया है कि किसी साजिश के तहत उपचार के माध्यम से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
डायलिसिस जैसे महत्वपूर्ण उपचार के दौरान विशेष सुरक्षा और निगरानी की मांग करते हुए पत्र में कहा गया है कि इसके लिए विशेषज्ञ सरकारी चिकित्सकों की टीम गठित की जाए। साथ ही उपचार प्रक्रिया की निगरानी और दवाओं की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
पत्र में मुख्यमंत्री योगी से प्रेमानंद महाराज को सरकारी सुरक्षा घेरे में रखने, उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कराने तथा आश्रम से जुड़े विवादों और लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है।
पत्र के अंत में मांगें पूरी नहीं होने पर संत समाज की ओर से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि, पत्र में लगाए गए हत्या की साजिश, जमीन संबंधी गतिविधियों और चिकित्सकीय नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।