प्रेमानंद महाराज से जुड़े विवाद में नया बयान, दिनेश फलाहारी महाराज ने आश्रम में दो गुट होने का किया दावा

Premanand Maharaj Controversy: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज से जुड़े विवाद में फलाहारी महाराज ने आश्रम में कथित दो गुटों और विराट कोहली से जुड़े कई दावे किए हैं। दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Premanand Maharaj Controversy: Dinesh Falhari Maharaj Makes Claims About Ashram Groups and Virat Kohli
फलाहारी महाराज(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े विवाद के बीच अब दिनेश फलाहारी महाराज के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। फलाहारी महाराज ने आश्रम के भीतर कथित तौर पर दो गुट होने का दावा करते हुए विराट कोहली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, उनके द्वारा किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

दिनेश फलाहारी महाराज के अनुसार, प्रेमानंद महाराज पहले बेहद साधारण और सीधे-सादे संत के रूप में जीवन व्यतीत कर रहे थे। उनका दावा है कि राजस्थान के एक प्रॉपर्टी कारोबारी समूह ने प्रेमानंद महाराज को देश-दुनिया में प्रसिद्ध कराने की दिशा में पहल की। इसी दौरान विराट कोहली को भी कथित तौर पर प्रेमानंद महाराज के संपर्क में लाया गया।

किसी भी आरोप का नही कोई प्रमाण

फलाहारी महाराज का आरोप है कि विराट कोहली के संपर्क में आने और इसके बाद सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से चर्चा बढ़ने के साथ प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उनके बयान में यह भी दावा किया गया है कि प्रेमानंद महाराज को प्रसिद्ध कराने के लिए कथित कारोबारी समूह की ओर से आर्थिक खर्च किया गया था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में फिलहाल कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आया है।

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फलाहारी महाराज ने आश्रम के भीतर कथित तौर पर दो गुट होने की बात भी कही है। उनके मुताबिक, एक पक्ष में कारोबारी समूह से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं, जबकि दूसरा पक्ष प्रेमानंद महाराज के साथ रहने वाले साधु-संतों का है। दावा किया गया है कि बाद में कथित मतभेद बढ़ने पर प्रेमानंद महाराज ने पहले वाले समूह से दूरी बना ली और अपने अन्य साथियों के साथ बेलवन आश्रम में रहकर भजन-साधना कर रहे हैं।

रसिक दुलारी के मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग

इन आरोपों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आश्रम में गुटबाजी, कारोबारी समूह की कथित भूमिका, आर्थिक खर्च और विराट कोहली को संपर्क में लाने संबंधी दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को आरोप और बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है।

वहीं, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले को लेकर भी जांच की मांग लगातार उठ रही है। दिनेश फलाहारी महाराज ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

फिलहाल इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वास्तव में आश्रम के भीतर दो गुटों के बीच मतभेद हैं? क्या किसी कारोबारी समूह ने प्रेमानंद महाराज को प्रसिद्ध कराने में भूमिका निभाई? विराट कोहली से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है? इन सवालों के जवाब संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

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