

हेमा मालिनी ने CM योगी को लिखा पत्र
यम द्वितीया मेले को राजकीय दर्जा देने की मांग की
नगर निगम मथुरा-वृंदावन भी नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेज चुका
Mathura Yamuna Snan 2026: धर्मनगरी मथुरा में लगने वाले ऐतिहासिक यम द्वितीया मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग तेज हो गई है। मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 11 नवंबर 2026 को होने वाले यम द्वितीया पर्व से पहले मेले को राजकीय दर्जा देने का अनुरोध किया है। उनकी इस पहल से ब्रजवासियों की वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर बल मिला है।
हेमा मालिनी ने 5 नवंबर को सीएम को भेजे पत्र में यम द्वितीया पर्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्ता बताई है। उन्होंने कहा कि मथुरा में भाई दूज का पर्व यम द्वितीया के रूप में सदियों से मनाया जाता है। इस अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से लाखों श्रद्धालु मथुरा पहुंचते हैं। वे यमुना में स्नान करने के साथ धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यम द्वितीया के दिन भाई-बहन के एक साथ यमुना में स्नान करने से यमराज के दंड और यमपाश से मुक्ति मिलती है। इसी मान्यता के चलते इस पर्व का मथुरा में विशेष महत्व है।
इस दिन सुबह से ही यमुना के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। भाई-बहन एक-दूसरे की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करते हैं। यह पर्व धार्मिक आयोजन के साथ ब्रज की पुरानी सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपरा का भी हिस्सा है।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि इतनी पुरानी धार्मिक परंपरा और लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी के बावजूद यम द्वितीया मेले को अभी तक राजकीय मेले का दर्जा नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन भी इस संबंध में पहल कर चुका है। नगर निगम ने 22 मई 2026 को नगर विकास विभाग को पत्र भेजकर मेले को राजकीय दर्जा देने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
हेमा मालिनी ने अपने पत्र में समाजसेवी और यम द्वितीया मेले को राजकीय दर्जा दिलाने की मुहिम से जुड़े पंडित गोपाल चतुर्वेदी 'राधाकांत' के पत्र का भी उल्लेख किया है। उन्होंने उनकी मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
सांसद ने विशेष रूप से अनुरोध किया है कि 11 नवंबर को होने वाले यम द्वितीया पर्व से पहले ही मेले को राजकीय घोषित किया जाए, ताकि इस साल से ही इसे सरकारी स्तर पर विशेष पहचान मिल सके।
राजकीय मेले का दर्जा मिलने से आयोजन में प्रशासनिक समन्वय बेहतर हो सकता है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और यमुना घाटों पर व्यवस्थाएं बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे मथुरा के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल ब्रजवासियों और इस अभियान से जुड़े लोगों की नजर सीएम योगी आदित्यनाथ के फैसले पर है। अब देखना होगा कि 11 नवंबर से पहले इस मांग को मंजूरी मिलती है या नहीं।