

Mathura Shri Krishna Janmabhoomi Sankalp Shila Pujan: भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जुड़ी आस्था और मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर तैयार की गई श्रीकृष्ण संकल्प रजत शिला का पूजन अब देश की सीमाओं से आगे विदेशों तक पहुंच रहा है। मथुरा में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अमेरिका समेत 19 देशों से आए विदेशी भक्तों और प्रतिनिधियों ने श्रद्धापूर्वक रजत संकल्प शिला का पूजन किया। इस दौरान भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण से जन्मभूमि से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होने और दिव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की प्रार्थना की।
रजत शिला के पूजन के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। विदेशों से आए भक्तों ने वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भक्तों का कहना था कि भौगोलिक दूरी के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव लगातार बना हुआ है।
अमेरिका के शिकागो से आए प्रशांत त्यागी ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय भक्त भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े इस संकल्प से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले श्रद्धालुओं के साथ अमेरिका और अन्य देशों में रहने वाले भारतीय भक्त भी मंदिर निर्माण और जन्मभूमि से जुड़े मामले में अपनी क्षमता के अनुसार तन-मन-धन से सहयोग करने के लिए आगे आएंगे।
उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भक्त भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के प्रति अपनी श्रद्धा को केवल भावनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी सहभागी बनना चाहते हैं।
कार्यक्रम में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी जी महाराज ने कहा कि रजत संकल्प शिला का पूजन देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक सूत्र में जोड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनका संकल्प है कि इस रजत शिला का एक लाख स्थानों पर पूजन कराया जाए। इसी उद्देश्य के साथ शिला को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं से पूजन कराया जा रहा है।
दिनेश फलाहारी जी महाराज ने कहा कि अमेरिका समेत 19 देशों के भक्तों द्वारा शिला पूजन करना इस अभियान से जुड़ी श्रद्धा और सहभागिता के विस्तार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जुड़ी हैं और उनकी कामना है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से जन्मभूमि से संबंधित सभी बाधाओं का समाधान हो तथा मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो।
साध्वी राधा गिरि ने कहा कि रजत संकल्प शिला भक्तों की आस्था और संकल्प का प्रतीक बन चुकी है। वहीं महामंडलेश्वर राधा नंद गिरि ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए जन्मभूमि पर दिव्य मंदिर निर्माण की कामना की।
कार्यक्रम प्रभारी-संयोजक पं. राजेश पाठक और स्वयंसेवक कृष्ण सुदर्शन ने बताया कि रजत शिला का अयोध्या में महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज द्वारा प्रथम पूजन किए जाने के बाद इसे ब्रज में संतों और जनमानस के पूजन के लिए लाया गया है। इसके बाद से विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु शिला का पूजन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में भागवत प्रवक्ता प्रिया किशोरी भारद्वाज, शर्मा, कान्हा कौशिक सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। विदेशी भक्तों ने प्रार्थना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी बाधाएं दूर हों, एक लाख स्थानों पर पूजन का संकल्प पूरा हो और जन्मभूमि से जुड़ी उनकी धार्मिक आस्था के अनुरूप मंदिर निर्माण की कामना पूरी हो।