

प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता मयंक शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिया प्रार्थना पत्र
सिटी मजिस्ट्रेट ने जारी किया नोटिस
आयकर और जीएसटी विभाग से मांगी जानकारी
Mathura Rajat Sankalp Shila Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संकल्प से जुड़ी रजत संकल्प शिला को लेकर मथुरा में नया विवाद सामने आया है। शिला की शुद्धता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रयागराज उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मयंक शर्मा ने इस संबंध में मथुरा के सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रजत संकल्प शिला की वास्तविक शुद्धता की जांच कराने की मांग की है। वहीं, मामले में सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा की ओर से दिनेश फलाहारी महाराज के खिलाफ नोटिस जारी किए जाने और आयकर विभाग तथा जीएसटी विभाग से जानकारी मांगे जाने की बात भी सामने आई है।
रजत संकल्प शिला को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संकल्प अभियान से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शिला को लेकर पहले भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और संकल्प सभाओं के माध्यम से चर्चा होती रही है। अब इसकी शुद्धता और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता मयंक शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए प्रार्थना पत्र में रजत संकल्प शिला की वास्तविक शुद्धता की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शिला की शुद्धता से जुड़े तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिला की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं और संबंधित पहलुओं की जांच कराने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के माध्यम से उठाए गए इन मुद्दों के बाद अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो शिला की शुद्धता और सुरक्षा से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक स्थिति सामने आ सकती है।
मामले में मथुरा के सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा द्वारा दिनेश फलाहारी महाराज के खिलाफ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आयकर विभाग और जीएसटी विभाग से भी संबंधित जानकारी मांगी गई है। हालांकि, इन विभागों से मांगी गई जानकारी का विस्तृत ब्योरा और नोटिस में दर्ज बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इन कदमों के बाद रजत संकल्प शिला से जुड़े मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभागों से क्या जानकारी प्राप्त होती है और प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है।
दूसरी ओर, दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। ऐसे में मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल, रजत संकल्प शिला की शुद्धता और सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब प्रशासनिक जांच, संबंधित विभागों से मिलने वाली जानकारी और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।