श्रीकृष्ण पढ़ते थे 5 वक्त की नमाज... मौलाना जर्जिस अंसारी के दावे से भड़का हिंदू संगठन, गिरफ्तारी की उठी मांग

Maulana Jarjis Ansari Statement: मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच मौलाना जर्जिस का विवादित बयान सामने आया है। मौलाना जर्जिस ने श्रीकृष्ण को मुसलमान बता दिया है।
maulana jarjis shri krishna controversy
मौलाना जर्जिस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Updated on

Maulana Jarjis on Shri Krishna: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच, मौलाना जर्जिस अंसारी के एक विवादित बयान ने हंगामा खड़ा कर दिया है। मौलाना ने दावा किया कि भगवान श्री कृष्ण आस्था से मुस्लिम थे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे। इन बयानों के बाद, हिंदू संगठनों ने मौलाना जरजिस अंसारी के प्रति कड़ा विरोध जताया है और उनकी तुरंत गिरफ्तारी तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने भाषण के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है- 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः'। मौलाना जर्जिस ने यह दावा कर दिया कि इस श्लोक में भक्तों को ये निर्देश दिया गया है कि वे पूजा पूरे शरीर से करें। उन्होंने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण खुद दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे।

मौलाना ने गीता के एक श्लोक का गलत अर्थ निकाला

हालांकि, मौलाना ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक का गलत अर्थ निकाला है। असल में, यह भगवद्गीता के छठे अध्याय का दसवां श्लोक है। इस श्लोक का सही अर्थ है: "एक योगी का कर्तव्य है कि वह लगातार अपना मन, शरीर और आत्मा परमात्मा में लगाए। उसे एकांत जगह पर अकेले रहना चाहिए और अपने मन और इंद्रियों को काबू में रखते हुए खुद को सभी इच्छाओं और मोह-माया से मुक्त करना चाहिए।" इस श्लोक में कहीं भी नमाज या इस्लाम का जिक्र नहीं है।

बेबुनियाद और अर्थहीन बातें वापस लें मौलवी

एक वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कथित तौर पर दावा किया कि भगवान कृष्ण मुस्लिम थे और नमाज पढ़ते थे। इस पर साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "मैं इस कट्टरपंथी मौलवी से पूछना चाहता हूं कि यह कहां लिखा है? उन्हें अपनी ये बेबुनियाद और अर्थहीन बातें वापस लेनी चाहिए। वरना, सनातनियों में उनके प्रति भारी नाराजगी पैदा होगी। जब तक वे समाज और सनातनी समुदाय से माफी नहीं मांगते, हम इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे। मैं सरकार से अपील करता हूं कि उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।"

मौलाना को गिरफ्तार करने की उठी मांग

ये बयान काफी पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच ये वायरल हो गया है। मौलाना का बयान वायरल होते ही हिंदू संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है। हिंदू संगठनों ने मौलाना के खिलाफ कार्रवाई करने और गिरफ्तार करने की मांग की है।

Navbharat Live
navbharatlive.com