

Highlights
गोवर्धन में पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप
पुलिसकर्मियों ने बेड, अलमारी और फ्रिज किया क्षतिग्रस्त
पीड़ित परिवार ने एसएसपी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
आरोपियों में उपनिरीक्षक सत्येंद्र चौधरी का भी नाम शामिल
Mathura Police Misconduct Case: गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस गांव में पुलिसकर्मियों पर एक घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद मामला पुलिसकर्मियों के आचरण और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चर्चा में है।
देवसेरस गांव निवासी आसुबी पत्नी फकरू की ओर से दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार, 11 अक्टूबर को उपनिरीक्षक सत्येंद्र चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। पीड़िता का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज और मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार ने पुलिसकर्मियों पर घर में रखे घरेलू सामान को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप लगाया है।
पीड़िता के मुताबिक, कथित घटना के दौरान घर में रखे बेड, अलमारी, फ्रिज, कूलर, गैस चूल्हे समेत अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया गया। महिला ने आरोप लगाया कि घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घर में इस तरह की कथित कार्रवाई से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा और घरेलू सामान के नुकसान से आर्थिक क्षति भी हुई है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना के संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी फिलहाल सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आसुबी ने दावा किया है कि कथित घटना से संबंधित वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद हैं। पीड़िता का कहना है कि इन रिकॉर्डिंग के माध्यम से घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान लेकर निष्पक्ष तरीके से पूरे प्रकरण की पड़ताल कराई जाए।
पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखी और न्याय दिलाने की मांग की। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले में अब पुलिस के आधिकारिक रुख और जांच की कार्रवाई पर नजर है। फिलहाल यह प्रकरण शिकायतकर्ता महिला की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि, कथित तोड़फोड़ की वास्तविक स्थिति और पुलिसकर्मियों की भूमिका का निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगा।