

Mathura Junction kidnapping: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा आए उन्नाव के एक परिवार के पांच माह के मासूम बेटे के अपहरण की घटना से हड़कंप मच गया। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर टिनशेड में बने यात्री प्रतीक्षालय के पास मंगलवार सुबह एक युवक और युवती कथित रूप से मासूम को उठाकर फरार हो गए।
दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था और पिछले करीब तीन दिनों से पीड़ित परिवार के साथ मेलजोल बढ़ा रखा था। घटना के बाद पुलिस और जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें संदिग्ध दंपती मासूम को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए हैं।
घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मथुरा रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में पहले भी बच्चा चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद स्टेशन परिसर के आसपास यात्रियों और उनके बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्कता न बरते जाने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि सुरक्षा में चूक को लेकर पुलिस और जीआरपी की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
उन्नाव के पाठकपुर निवासी 28 वर्षीय देवशंकर मिश्र चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पत्नी गौरी मिश्रा, तीन वर्षीय बेटी प्रिया और पांच माह के पुत्र सूर्या मिश्रा के साथ मथुरा आए थे। परिवार ने मथुरा और वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए। छह सितंबर को वे वृंदावन से मथुरा पहुंचे और जंक्शन रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर टिनशेड में बने यात्री प्रतीक्षालय में ठहर गए।
इसी दौरान उनकी मुलाकात एक युवक और युवती से हुई। दोनों ने स्वयं को पति-पत्नी बताया और धीरे-धीरे देवशंकर के परिवार से घुलने-मिलने लगे। बताया गया कि दोनों परिवार रात में आसपास ही सोते थे। सात सितंबर की रात करीब नौ बजे संदिग्ध दंपती ने देवशंकर के परिवार के पास ही अपना बिस्तर लगा लिया। इस पर गौरी को कुछ शक हुआ और वह बच्चों को लेकर थोड़ी दूरी पर जाकर लेट गईं।
देवशंकर के मुताबिक, कुछ देर बाद संदिग्ध युवती भी उनके पास पहुंच गई। उन्होंने इसका विरोध किया और प्रतीक्षालय की देखरेख करने वाली महिला कर्मी से शिकायत की। शिकायत के बाद युवती को वहां से बाहर कर दिया गया। इसके बाद देवशंकर अपने परिवार के साथ प्रतीक्षालय से बाहर पीपल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर जाकर सो गए।
मंगलवार भोर करीब चार बजे गौरी की नींद खुली, जबकि देवशंकर सो गए। सुबह करीब पांच बजे गौरी लघुशंका के लिए गईं। इसी दौरान संदिग्ध युवक-युवती उनके पांच माह के बेटे सूर्या को उठाकर फरार हो गए। वापस लौटने पर बच्चे को गायब देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों ने तत्काल यूपी डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी और हाईवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध दंपती मासूम को लेकर जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने अज्ञात दंपती के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
सीओ रिफाइनरी प्रवीन कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और मासूम की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।