

Highlights
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में योगदान की संतों ने की सराहना
सम्मान और संत समाज में विवाद समाप्त करने की उठी आवाज
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प पर रखे विचार
कार्यक्रम में संत समाज से एकजुटता की अपील
Vrindavan Sanatan Dharma Ratna Award: वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज को सनातन धर्म रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। राधा कुटी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों, महामंडलेश्वरों और धर्माचार्यों ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने दिनेश फलाहारी महाराज के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें ब्रज का गौरव बताया। साथ ही संत समाज में आपसी मतभेद समाप्त करने, ब्रजवासियों के सम्मान और सनातन धर्म की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दिनेश फलाहारी महाराज फलाहार ग्रहण करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले की पैरवी कर रहे हैं। उनके योगदान और त्याग को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक विषयों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी विवाद का समाधान आपसी संवाद और परस्पर सम्मान के साथ किया जाना चाहिए।
सम्मान समारोह के दौरान दिनेश फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को परम संत बताते हुए कहा कि वह कभी किसी संत का अपमान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, जिसके कारण विवाद की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने संत समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचारों को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार से अनावश्यक विवाद बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने भी संतों के बीच संवाद और समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उनका कहना था कि सनातन धर्म की परंपराओं को मजबूत करने के लिए संत समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
महामंडलेश्वर रामकृष्ण महाराज और जूना अखाड़े के प्रज्ञानंद गिरि सहित अन्य संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की रजत संकल्प शिला के पूजन का अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहा है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
उद्योगपति रूप सिंह नागर और अमेरिका निवासी प्रशांत त्यागी ने भी दिनेश फलाहारी महाराज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ और महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद महाराज ने कहा कि ब्रजभूमि की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज को पूज्य संत बताते हुए दिनेश फलाहारी महाराज के योगदान को भी महत्व देने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि ब्रजवासियों का सम्मान और धार्मिक परंपराओं की रक्षा सनातन समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कार्यक्रम में महंत भक्तिवेदांत भागवत महाराज, महंत राजेंद्र गिरि, महंत रामदेव चतुर्वेदी, महामंडलेश्वर रामकृष्णानंद महाराज, आचार्य सुरेशाचार्य, कैलाश गोस्वामी, तुलसीदास ब्रह्मचारी, अवध दास महाराज, बाबा रामदास महाराज, अनिल कृष्ण शास्त्री सहित अनेक संत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पाठक ने किया।