संजय सिंह का भाजपा पर हमला; बोले- 5500 करोड़ का चंदा आखिर किसका काला धन पचा रही हैं गुजरात ये गुमनाम पार्टियां

Sanjay Singh Lucknow: आम आदमी पार्टी के उप्र प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार और दलित-पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाया है।
Sanjay Singh Targets BJP Over Ram Temple Trust OBC Reservation Alleged Donation Irregularities
संजय सिंह(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Sanjay Singh Press Conference In UP: आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और दलित-पिछड़ा विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया है। संजय सिंह ने देश की शीर्ष जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने 'चंदा चोरी' के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने गुजरात में पंजीकृत छह अनजान राजनीतिक दलों का खुलासा करते हुए इसे काले धन को सफेद करने का सबसे बड़ा जरिया बताया।

गुजरात में बनीं डमी पार्टियाँ, 5500 करोड़ के चंदे का हुआ बड़ा खेल

सांसद संजय सिंह ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2023-24 में गुजरात की छह गुमनाम पार्टियों (आम जनमत पार्टी, सत्यवादी रक्षक पार्टी, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी, भारतीय नेशनल जनता दल और गरीब कल्याण पार्टी) को कुल 5500 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। इसमें विशेष बात यह है कि ये 6 पार्टियां गुजरात से हैं। इसका मतलब यह चंदा इन पार्टियों को नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी को मिला है, इन पार्टियों के माध्यम से।

Sanjay Singh Targets BJP Over Ram Temple Trust OBC Reservation Alleged Donation Irregularities
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बोले- सरकार हर कदम पर जनता के साथ है

उन्होंने कहा कि इन पार्टियों का कोई वजूद नहीं है, इन्होंने मात्र 15 कैंडिडेट लड़ाए, फिर भी इनके पास अरबों रुपये कहाँ से आए? संजय सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि ये भाजपा की डमी पार्टियाँ हैं, जिनके माध्यम से विदेशी धन और काले धन की हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल पूछा कि इतना बड़ा भ्रष्टाचार हुआ लेकिन आखिर इन पार्टियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी किस कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं

सहारनपुर में मस्जिद गिराना भाजपा की चुनावी बौखलाहट

सहारनपुर में 1911 की पुरानी मस्जिद गिराए जाने पर संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब भी भाजपा अपनी जमीन खिसकती देखती है, वह सांप्रदायिक तनाव पैदा करती है। मस्जिद गिराना 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' (Places of Worship Act) और 'वक्फ बाय यूजर' कानून का सरेआम उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार के डर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती है, ताकि हिंदू-मुसलमान को लड़ाकर चुनावी रोटियां सेकी जा सकें।

Sanjay Singh Targets BJP Over Ram Temple Trust OBC Reservation Alleged Donation Irregularities
यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, विनोद तावड़े बोले- पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा NDA

प्रभु श्री राम के मंदिर ट्रस्ट को लूट का अड्डा बनाना चाहती है भाजपा-RSS

राम मंदिर ट्रस्ट में नई नियुक्तियों पर हमला बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि ट्रस्ट में दलित समाज से आने वाले सदस्य को हटाकर विवादित लोगों को कोषाध्यक्ष और महासचिव बनाया गया है। उन्होंने कहा कि चंपत राय के जमीन घोटाले को दबाने के लिए चोरों की 'शिफ्टिंग' की गई है। भाजपा और आरएसएस मंदिर ट्रस्ट पर अपना कब्जा जमाए रखना चाहते हैं ताकि लूट का खेल जारी रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा के दिल-दिमाग में दलितों और आदिवासियों के प्रति घोर भेदभाव भरा हुआ है, जो शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक साफ़ दिखाई दिया।

68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी आरक्षण पर डकैती

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग के आरक्षण को पूरी तरह गायब कर दिया गया। पिछड़ा वर्ग आयोग के बार-बार आदेश देने के बावजूद सरकार युवाओं को नियुक्ति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों की सबसे बड़ी विरोधी है। ईको गार्डन में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के साथ आम आदमी पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है और इस मुद्दे को संसद के भीतर भी उठाएगी।

9 सितंबर को होगी आप प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक

संजय सिंह ने जानकारी दी कि आगामी 9 सितंबर को लखनऊ में आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी की बड़ी बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष, सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जिसमें 2027 के चुनाव और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com