Vivek Tiwari Case: लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी मर्डर में फैसला, सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल की जेल

Vivek Tiwari Case Lucknow: लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई और दूसरा आरोपी संदीप को बरी कर दिया।
Cop Prashant Chaudhary Sentenced 10 Years
मृतक विवेक तिवारी और आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरीसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Cop Prashant Chaudhary Sentenced 10 Years: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला जज कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट में आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना और 10 साल की कैद की सजा सुनाई।

मामला 2018 का है। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में यह हत्याकांड हुआ था। इस मामले में आरोपी पहले ही करीब आठ साल जेल में बिता चुका है।

दूसरा पुलिसकर्मी संदीप कुमार बरी

विवेक तिवारी हत्याकांड में यूपी पुलिस के दो सिपाहियों संदीप सिंह और प्रशांत चौधरी को आरोपी बनाया गया था। राजधानी लखनऊ की अदालत में दोनों के खिलाफ मुकदमा चला। अदालत ने अपने फैसले में पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना और दूसरे आरोपी पुलिसकर्मी संदीप कुमार को बरी कर दिया। बरी होने के साथ ही संदीप कुमार के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही समाप्त हो गई।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 28 सितंबर, 2018 का है। राजधानी लखनऊ में गोमती नगर विस्तार इलाके में एप्पल कंपनी में काम करने वाले एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के समय मैनेजर विवेक तिवारी अपनी एक महिला कलीग सना खान के साथ जा रहे थे। FIR के अनुसार, गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र में नाइट पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसकर्मियों ने विवेक की कार रोकी और गोली चल गई।

Cop Prashant Chaudhary Sentenced 10 Years
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में 105 बार चोरी हुई, CCTV से खुला राज; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी SIT

8 साल बाद मिला न्याय

इस घटना ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी। इसके बाद दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया था। इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। इस दौरान जांच और उसके बाद चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया में लगभग 8 साल बीत गया। इस दौरान आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी जेल में ही रहा। अब कोर्ट ने उसे गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है।