

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
शिकायतों को स्थानीय पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया
चौकी के पुराने स्टाफ में बदलाव, नए पुलिसकर्मियों तैनात
Triple Murder Case Update: सआदतगंज के नौबस्ता ब्राह्मण टोला में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। एक ओर मामले में लापरवाही बरतने पर कश्मीरी मोहल्ला पुलिस चौकी के पूरे पुराने स्टाफ को हटा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर हत्याकांड में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी राजेश शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डीजीपी राजीव कृष्ण के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के 24 घंटे के भीतर हुई इस कार्रवाई को मामले में पुलिस की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
तिहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और इलाके में पहले से मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल खड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस स्तर पर गोपनीय जांच कराई गई। जांच में सामने आई लापरवाही के आधार पर कश्मीरी मोहल्ला पुलिस चौकी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। मिली जानकारी में ये भी पता चला कि इसके साथ ही चौकी के पुराने स्टाफ में बदलाव करते हुए नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
इससे पहले सआदतगंज इंस्पेक्टर और संबंधित चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया जा चुका है। इस तरह हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों के बीच चौकी का पुराना स्टाफ पूरी तरह बदल दिया गया है।
जांच में सामने आया कि इलाके में पहले से चल रहे विवादों और मिल रही शिकायतों को स्थानीय पुलिस ने अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। समय रहते विवाद को रोकने के लिए जरूरी कदम भी नहीं उठाए गए। इसी लापरवाही को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
दरअसल, कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुए विवाद के बाद पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी ऋषभ शुक्ला पर रिटायर्ड कर्मचारी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की हत्या का आरोप है। घटना के दौरान सामने आए वायरल वीडियो ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।
इस बीच हत्याकांड से जुड़े फरार आरोपितों की तलाश में जुटी सआदतगंज पुलिस को भी बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी राजेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। राजेश मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला का चाचा बताया जा रहा है और वह हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस अब इस मामले में फरार चल रही ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश कर रही है, जिस पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कल डीजीपी राजीव कृष्ण ने ब्राह्मणी टोला पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मृतक शिवाजी तिवारी की पत्नी को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इससे पहले प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी परिवार से मिल चुके हैं।
शासन की ओर से परिवार को आश्वस्त किया गया है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए कदम उठाए जाएंगे।