कब्रिस्तान विवाद में फंसे दो मौलाना, एक ने दूसरे पर लगाया कब्र बेचकर करोड़ो की वसूली का आरोप..
Maulana Saif Abbas: लखनऊ में शिया समुदाय के दो प्रमुख धर्मगुरुओं के बीच विवाद गहराता दिख रहा है। मौलाना सैफ अब्बास ने अपने ही धर्मगुरु कल्बे जव्वाद पर कब्रें बेचने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए है।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
कल्बे जवाद-सैफ अब्बास (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maulana Saif Abbas Allegation For Kalbe Jawad: नवाबों के शहर लखनऊ में अब दो मौलानाओं के बीच कब्रिस्तान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने अपने ही समुदाय के बड़े मौलाना कल्बे जव्वाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कल्बे जव्वाद ने इमामबाड़ा गुफरान मआब लखनऊ लाखों में कब्रें बेचकर करोड़ो रुपये की अवैध वसूली की है।
8 लाख रुपये में बेचा एक कब्र
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने दावा किया है कि लखनऊ के मशहूर इमामबाड़ा गुफरान मआब में कब्रें बेची जा रही हैं। यहां एक कब्र के लिए 8 लाख रुपये तक वसूली जा रहे है। मौलाना सैफ अब्बास ने एक वीडियो जारी करते हुए मामले का खुलासा किया है।
सैफ अब्बास द्वारा जारी वीडियो में वे आकंडे देते हुए दिखाई दिए। उन्होंने दावा किया कि इमामबाड़ा गुफरान मआब में हर महीने कम से कम 10 कब्रें बेची जाती हैं। अब्बास ने आरोप लगाया कि जब किसी शख्स का इंतकाल होता है तो उसके परिवार से एक कब्र के लिए 8 लाख रुपये लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर महीने लगभग 80 लाख रुपये और साल भर में कुल 9 करोड़ 60 लाख रुपये की मोटी रकम कब्र बेचकर वसूली जाती है।
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पहले भी लगे कब्र बेचने के आरोप
बता दें कि यह पहला मामला नही है जब कब्र बेचने के आरोप लगे हैं। इससे पहले लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ों में कब्रों की बोलियां लगने और उन्हें बड़ी कीमत में बेचने की चर्चा मुस्लिम समाज में आम रही है। योगी सरकार में पूर्व मंत्री रहे मोहसिन रजा ने भी कुछ समय पहले मीडिया साक्षात्कार में इस मुद्दे को उठाया था और आरोप लगाया था कि मशहूर इमामबाड़ों में कब्रों को 5 लाख रुपये में बेची जाती है।
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हालांकि अब मौलाना कल्बे जव्वाद के ही वारिस ने मामले को उजागर करते हुए एक कब्र की कीमत 8 लाख रुपये बताया साथ ही सालाना कमाई का भी नया आंकड़ा पेश किया।
आपसी खींचतान से खुली कब्रिस्तान की पोल
गौरतलब है कि वक्फ इमामबाड़ा गुफरान मआब लखनऊ में शिया समुदाय का सबसे बड़ा इमामबाड़ा कब्रिस्तान है। मौलाना कल्बे जव्वाद इस वक्फ संपत्ति की देखरेख करते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि एक हालिया विवाद को लेकर मौलाना कल्बे जव्वाद और मौलाना सैफ अब्बास के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। इसी आपसी मतभेद के कारण दोनो मौलाना एक-दूसरे की पोल खोलने की होड़ में लगे है।
