दिवाली पर लखनऊ की हवा जहरीली, AQI 304 पार; पटाखों का धुआं दिल और फेफड़ों पर पड़ेगा भारी

Lucknow Weather AQI: लखनऊ की अंबेडकर यूनिवर्सिटी में AQI 156, गोमतीनगर में 169 और कुकरैल पिकनिक स्पॉट पर 167 दर्ज किया गया। इन इलाकों में हवा येलो जोन में रही।
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दिवाली पर लखनऊ का AQI 304 पार(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • दिवाली पर लखनऊ की हवा जहरीली

  • AQI 304 के पार. धुंध ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

  • लखनऊ में दिन में धूप, रात में बढ़ेगी ठंड

Lucknow Diwali Air Pollution: दिवाली के दिन लखनऊ राजधानी की हवा की गुणवत्ता ने चिंता बढ़ा दी है। शहर में लगातार तीसरे दिन धुंध का असर देखने को मिला। रविवार सुबह विजिबिलिटी 500 मीटर से भी कम रही। धूप निकलने के बाद भी धुंध पूरी तरह नहीं छंटी।

इस बीच, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में एक दिन के भीतर 100 से ज्यादा अंकों की बढ़ोतरी हुई और यह 300 के पार पहुंच गया।

तालकटोरा में सबसे ज्यादा AQI 304 दर्ज किया गया, जबकि लालबाग में यह 283 रहा। अलीगंज में भी प्रदूषण का स्तर 300 के करीब पहुंच गया।

तालकटोरा में हवा सबसे ज्यादा खराब

शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा। तालकटोरा में AQI 304 दर्ज होने के साथ हवा रेड जोन में पहुंच गई। वहीं, लालबाग और अलीगंज में भी प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में रहा।

दूसरी ओर, अंबेडकर यूनिवर्सिटी में AQI 156, गोमतीनगर में 169 और कुकरैल पिकनिक स्पॉट पर 167 रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में वायु गुणवत्ता येलो जोन में रही। बढ़ते प्रदूषण और धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

अगले कुछ दिन सुबह कोहरा, दिन में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब खत्म हो रहा है और बारिश थम चुकी है। मौसम साफ होने के कारण अगले तीन से चार दिनों में दिन का तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे दिन में तेज धूप के साथ हल्की गर्मी महसूस होगी।

हालांकि, रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे रात और सुबह के समय ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिन सुबह हल्का से मध्यम कोहरा और धुंध छा सकती है।

धूप निकलने के बाद इसके साफ होने की संभावना है। चक्रवाती तूफान 'मुरासू' का उत्तर प्रदेश में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने के आसार हैं।

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पटाखों का धुआं दिल और फेफड़ों के मरीजों के लिए खतरनाक

दिवाली पर पटाखों की तेज आवाज और उनसे निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकता है। तेज धमाकों से तनाव और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। वहीं, धुएं में मौजूद बारीक कण फेफड़ों तक पहुंचकर खांसी, जलन और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं।

ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय के टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. रविशेखर ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को पटाखों के धुएं से बचना चाहिए। पीएम 2.5 और पीएम 10 के बारीक कण सांस की नलियों में सूजन और सीने में जकड़न बढ़ा सकते हैं।

केजीएमयू के क्वीनमेरी विभाग की डॉ. सुजाता देव ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पटाखों के धुएं और तेज आवाज से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण गर्भवती महिला के साथ गर्भस्थ शिशु की सेहत पर भी असर डाल सकता है।

लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. भुवन चंद्र तिवारी के मुताबिक, पटाखों के तेज धमाकों से कानों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बेचैनी और नींद में खलल की समस्या भी हो सकती है। दिल के मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ने और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है।

अस्पतालों में इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त इंतजाम

दिवाली पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि इमरजेंसी में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां जरूरी विशेषज्ञों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी।

वहीं, केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में 15 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ जरूरी दवाएं और जांच की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

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