लखनऊ में आग से मचा कोहराम, स्वाहा हो गईं सैकड़ों झोपड़ियां; बेघर हुए हजारों लोग, कई मौतों की आशंका

Lucknow Fire Incident: लखनऊ के विकासनगर में भीषण आग से 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं और 30 सिलेंडरों के फटने से इलाके में कोहराम मच गया, जिसमें कई बच्चों के लापता होने की खबर है।
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लखनऊ में आग, फोटो- सोशल मीडिया
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Uttar Pradesh Fire News Update: राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार की शाम को आई तबाही ने सैकड़ों परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। रिंग रोड के किनारे सेक्टर 14 के एक प्लॉट में बसी झुग्गियों में लगी इस आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि इसकी लपटें दस किलोमीटर दूर हजरतगंज से भी साफ नजर आ रही थीं।

लखनऊ में लगी आग के बाद हुए एक के बाद एक सिलेंडरों के धमाकों ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। इस हादसे ने न केवल लोगों की जमा-पूंजी को राख कर दिया, बल्कि कई परिवारों के सामने अपनों को खोने का गहरा दुख देखना पड़ा।

धमाकों के बीच श्मशान बनी लखनऊ की झोपड़पट्टी

यह दर्दनाक हादसा बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुआ जब विकासनगर सेक्टर 14 के एक खाली प्लॉट में बनी बस्तियों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस जगह पर करीब पांच सौ झोपड़ियां बनी हुई थीं जिनमें दो हजार से ज्यादा लोग अपनी गुजर-बसर कर रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक पहले एक झोपड़ी में तेज धमाका हुआ और फिर पलक झपकते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर सड़कों की तरफ भागे लेकिन उनका जीवन भर का कमाया हुआ सामान चंद लम्हों में राख हो गया। इस भीषण अग्निकांड में 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी हैं।

आग की लपटों में लापता हुए मासूम बच्चे

इस हादसे का सबसे दुखद पहलू उन परिवारों का बिलखना है जो आग बुझने के बाद अपने बच्चों की तलाश में मलबे के ढेर को छान रहे हैं। सीतापुर निवासी रहमान का दावा है कि जब आग लगी तो उनके चार मासूम बच्चे झोपड़ी के अंदर ही सो रहे थे जो बाहर नहीं निकल पाए। वहीं बाराबंकी के सकटू अपनी महज 15 दिन की बेटी को ढूंढ रहे हैं जिसका धमाके के बाद से कोई सुराग नहीं मिल सका है। विपिन नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी अपने रिश्तेदारों के दो बच्चों के लापता होने की बात कही है।

सिलेंडरों के फटने से थर्रा गया पूरा विकासनगर

आग लगने के बाद एक के बाद एक करीब तीस से ज्यादा घरेलू गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ जिससे पूरा इलाका थर्रा उठा। इन धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के करीब 20 से 50 पक्के मकानों को तुरंत खाली करा लिया। विस्फोटों की वजह से कुछ पक्के मकानों की दीवारों में दरारें भी आ गईं और खिड़कियों के कांच टूट गए। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बिजली काट दी गई ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो सके। दमकल की गाड़ियों को मलबे के भीतर से फटने वाले सिलेंडरों की वजह से राहत कार्य में काफी जोखिम उठाना पड़ा।

जाम और पत्थरबाजी ने रोका राहत का रास्ता

रिंग रोड और खुर्रम नगर जैसे व्यस्त इलाकों में आग की खबर फैलते ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिससे दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी मुश्किल हुई। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और इस दौरान तमाशबीन लोगों की भीड़ भी एक बड़ी समस्या बन गई जो मदद करने के बजाय वीडियो बना रहे थे। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए पत्थरबाजी भी की जिसमें सिविल डिफेंस के एक कर्मचारी का सिर फट गया। दमकल की 20 गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

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