संभल में वकीलों का प्रदर्शन इनसेट में ASP अनुज चौधरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sambhal Advocate Protest: उत्तर प्रदेश में संभल के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का मंगलवार की शाम अचानक तबादला कर दिया गया। बुधवार सुबह तबादले से नाराज अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही CJM विभांशु का तबादला रद्द करने की मांग कर दी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की है।
आपको बता दें कि CJM विभांशु सुधीर वही जज हैं, जिन्होंने संभल हिंसा के मामले में सीओ अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। विभांशु सुधीर को CJM से डिमोट करते हुए सुल्तानपुर में सिविल जज सीनियर डिवीजन के पद पर भेजा गया है। जबकि चंदौसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह अब संभल के नए CJM होंगे।
आदित्य सिंह ने ही संभल के श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद दावे पर सर्वे के आदेश दिए थे। विभांशु सुधीर को डिमोट करते हुए आदित्य कुमार सिंह को प्रमोशन दिया गया है। इसको लेकर ही अधिवक्ताओं ने नाराजगी जाहिर की और कहा ये एक तरह की तानाशाही है।
वकीलों ने कहा इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वकील ‘योगी जब-जब डरता है पुलिस को आगे करता है’ और ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी-तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाते हुए दिखाई दिए।
In UP’s Sambhal, lawyers protest against the transfer of chief judicial magistrate Vibhanshu Sudheer. His transfer is purportedly linked two seperate orders of registration of FIRs against policemen including ASP Anuj Chaudhary. pic.twitter.com/XNVrUYCTGB — Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 21, 2026
यह पूरा विवाद 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें यामीन नाम के एक आदमी ने पुलिस पर अपने बेटे को तीन बार गोली मारने का आरोप लगाया था। 9 जनवरी 2026 को CJM ने एक अहम आदेश जारी किया जिसमें ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया। यह आदेश 12 जनवरी को सार्वजनिक किया गया।
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इससे पहले CJM ने एक फर्जी एनकाउंटर मामले में 13 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने का भी कड़ा आदेश दिया था। पुलिस प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया और FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया साथ ही हाई कोर्ट में अपील करने की बात कही। 22 जनवरी को FIR दर्ज करने की समय सीमा खत्म होने से ठीक पहले 20 जनवरी की रात को CJM का अचानक सुल्तानपुर ट्रांसफर कर दिया गया।