कानपुर चिड़ियाघर में एक के बाद एक मौतें, 6 काले हिरण, जेब्रा के बाद तेंदुए की गई जान

Kanpur Leopard Murad Death: कानपुर के चिड़ियाघर में जानवरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। 6 काले हिरणों, जेब्रा के बच्चे और बायसन की मौत के बाद 13 साल के तेंदुए मुराद की मौत हो गई है।
Leopard Murad Death
कानपुर में 13 वर्षीय तेंदुए मुराद की मौत (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • काले हिरण, जेब्रा के बच्चे के बाद तेंदुए मुराद की मौत

  • शुरुआती जांच में कार्डियक अरेस्ट की आशंका

  • घाव के कारण सेप्टीसीमिया होने की भी बात सामने आई

Kanpur Zoo Animal Deaths: कानपुर के चिड़ियाघर में जानवरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। पहले 6 काले हिरणों की मौत हुई। इसके बाद जेब्रा के बच्चे और एक बायसन की जान चली गई। अब 13 साल के तेंदुए मुराद की भी मौत हो गई है।

13 वर्षीय तेंदुए मुराद को 21 अगस्त 2018 को मुरादाबाद वन विभाग से रेस्क्यू करके कानपुर चिड़ियाघर लाया गया था।

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तेंदुए मुराद की मौत की वजह भी साफ नहीं

शुरुआती जांच में उसकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट होने की आशंका जताई गई है। कानपुर प्राणी उद्यान के निदेशक के मुताबिक, मुराद ने अपने बाड़े में खुद को घायल कर लिया था। इसके बाद उसे उपचार के लिए पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां पिछले कई दिनों से उसका इलाज चल रहा था। पशु चिकित्सक लगातार उसकी हालत पर नजर रख रहे थे।

बार-बार घाव ताजा होने से संक्रमण की आशंका

पशु चिकित्सक के अनुसार, तेंदुआ मुराद बार-बार अपने घाव को ताजा कर ले रहा था। इससे वह सेप्टीसीमिया यानी खून में संक्रमण की चपेट में आ गया था। चिकित्सक ने इसी संक्रमण को उसकी मौत की संभावित वजह बताया है। हालांकि, मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

मौत की वजह की पुष्टि के लिए मुराद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर, बरेली भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण और मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

काले हिरणों की मौत की वजह अब तक स्पष्ट नहीं

सितंबर में चिड़ियाघर में लगातार चार काले हिरणों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में उनकी किडनी और फेफड़ों में संक्रमण को मौत की संभावित वजह माना गया। मामले की जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की विशेष टीम चिड़ियाघर पहुंची थी। टीम ने बचे हुए काले हिरणों का टीकाकरण कराया और उनके बाड़े को सैनिटाइज भी किया।

इसके बावजूद काले हिरणों की मौत की असली वजह की अब तक पूरी तरह पुष्टि नहीं हो सकी है। चिड़ियाघर में इसके बाद भी जानवरों की मौत के मामले सामने आते रहे।

जन्म के 12 घंटे बाद जेब्रा के बच्चे की मौत

काले हिरणों की मौत के बाद चिड़ियाघर में एक जेब्रा ने 15 साल बाद बच्चे को जन्म दिया था। हालांकि, जन्म के 12 घंटे के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई।

इसके बाद दो बायसन आपस में लड़ गए। इस दौरान एक बायसन का सींग दूसरे बायसन के पेट में घुस गया। घायल बायसन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई।

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